नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है और राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है। राहुल गांधी के मुताबिक, सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को सड़कों पर 20 से 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात करने चाहिए, ताकि देश देख सके कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कितने बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पुलिस और प्रशासन के कई लोग भी सरकार की कार्रवाई से नाराज हैं। उनके अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों ने युवाओं के साथ सख्ती करने के आदेशों पर असंतोष जताया है। हालांकि, पुलिसकर्मियों के समर्थन और उनकी नाराजगी को लेकर राहुल गांधी के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
'ज्ञानेश कुमार बचेंगे नहीं', आंदोलन जारी रखने का ऐलान
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर जनता सवाल पूछ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के मतदान संबंधी अधिकार प्रभावित हुए हैं और सरकार इन सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। राहुल गांधी ने इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताते हुए दावा किया कि सरकार जितनी अधिक सुरक्षा उपलब्ध कराएगी, विपक्ष उतनी ही मजबूती से अपने सवाल उठाएगा। कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष से जुड़े लोगों को छूट दी जा रही है।
पुलिस और केंद्रीय बलों को लेकर भी किया दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस के लगभग 50 प्रतिशत कर्मी उनके आंदोलन को सही मानते हैं और इसे जारी रखने की बात कह रहे हैं। उन्होंने पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के लोगों के बीच चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग कथित वोट चोरी को रोकने में विफल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को देशभर में उठाता रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर भारतीय लोकतंत्र तथा चुनावों की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई थी। उनके मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश की ओर से जवाब मिलने के बाद उन्हें याचिका दायर करने के लिए कहा गया। उन्होंने घोषणा की कि वह और INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दाखिल करेंगे। राहुल गांधी ने इसे देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बताया। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।
'सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में'
राहुल गांधी ने अपने बयान में एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें विभिन्न मामलों की जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और विदेश मंत्रालय के भीतर से भी सूचनाएं मिलने का दावा किया।
वोट चोरी के आरोपों पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और राहुल गांधी के ताजा बयानों से केंद्र सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर होनी बाकी है। अब सबकी नजर प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट याचिका और उस पर होने वाली संभावित सुनवाई पर रहेगी।