राहुल-प्रियंका हिरासत से रिहा, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर गरमाई सियासत

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा कर दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन से रवाना हो गए हैं।;

Update: 2026-10-06 20:11 GMT

किंग्सवे कैंप से बाहर आए राहुल गांधी, बोले लोकतंत्र को किया गया हाईजैक

  • CEC विवाद पर विपक्ष का हंगामा, हिरासत के बाद रिहा हुए राहुल-प्रियंका
  • चुनाव आयोग तक मार्च रोकने पर भड़के राहुल, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
  • दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, हिरासत और रिहाई के बाद बढ़ा सियासी तापमान

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा कर दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन से रवाना हो गए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनको किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन ले जाया गया था। इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया।

राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए।

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद उन्होंने हमें यहां बैठा दिया। चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है। वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है। चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। इसलिए मुझे नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है। अगर प्रतिनिधि मिल नहीं सकते, तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?"

राहुल गांधी ने कहा, "हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। 'वोट चोरी' कर देश को हाईजैक कर लिया गया है। इनसे कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।"

मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "चुनाव आयोग हमारे ठीक बगल में है और लोकसभा में विपक्ष के नेता को चुनाव आयोग जाने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें रोक दिया गया।

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा कर दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन से रवाना हो गए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनको किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन ले जाया गया था। इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया।

राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए।

मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद उन्होंने हमें यहां बैठा दिया। चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है। वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है। चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। इसलिए मुझे नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है। अगर प्रतिनिधि मिल नहीं सकते, तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?"

राहुल गांधी ने कहा, "हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। 'वोट चोरी' कर देश को हाईजैक कर लिया गया है। इनसे कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।"

मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "चुनाव आयोग हमारे ठीक बगल में है और लोकसभा में विपक्ष के नेता को चुनाव आयोग जाने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें रोक दिया गया।

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