राजधानी पर प्रदूषण का हमला, कई इलाकों में AQI पहुंचा खतरनाक स्तर पर
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही और लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा;
जहरीली हवा ने बढ़ाई टेंशन, दिल्ली के 11 से ज्यादा इलाकों में AQI 400 के पार
- दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, प्रदूषण ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही और लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।
पंजाबी बाग में सबसे खराब हवा
दिल्ली के पंजाबी बाग क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया, जहां AQI 452 तक पहुंच गया। इसके अलावा आरके पुरम, आईआईटी दिल्ली और द्वारका जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। इन क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम माना जाता है।
11 से अधिक इलाकों में AQI 400 के ऊपर
राजधानी के कई अन्य इलाकों में भी AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया। इनमें मथुरा रोड, सिरी फोर्ट, नॉर्थ कैंपस, पूसा, चांदनी चौक, बुराड़ी क्रॉसिंग और जाफरपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खास तौर पर खतरनाक हो सकता है।
कई इलाकों की हवा अब भी बेहद खराब
कुछ क्षेत्रों में AQI 400 से नीचे रहा, लेकिन वहां भी स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती। नरेला, आईटीओ, मंदिर मार्ग, उत्तम नगर, बुराड़ी, तालकटोरा गार्डन और आया नगर समेत कई इलाकों में वायु गुणवत्ता "बहुत खराब" श्रेणी में बनी रही।
दिवाली से पहले बढ़ी चिंता
त्योहारी सीजन और दिवाली से पहले प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रैप (GRAP) के तहत विभिन्न प्रतिबंध लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों ने लोगों को सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, मास्क का इस्तेमाल करने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सांस से जुड़ी अन्य समस्याएं हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।