ज्ञानेश कुमार पर आरपार के मूड में विपक्ष, आज राष्ट्रपति भवन कूच की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है;
CEC विवाद पर विपक्ष का अगला दांव, राष्ट्रपति भवन मार्च की तैयारी
- राहुल गांधी फिर संभालेंगे मोर्चा, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा दबाव
- राष्ट्रपति से मिलने की कवायद तेज, INDIA गठबंधन करेगा बड़ा प्रदर्शन
- CEC मुद्दे पर विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली में जुटेंगे दिग्गज नेता
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। INDIA गठबंधन के नेता इस मुद्दे पर लगातार तीसरे दिन भी सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। विपक्षी सांसदों की योजना संसद परिसर में जुटने के बाद राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की है।
विपक्ष का कहना है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने मतदाता सूची से जुड़े अपने सवाल और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाई जा रही चिंताओं को रखना चाहता है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों से भी राष्ट्रपति को अवगत कराना चाहता है।
राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश में विपक्ष
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। हालांकि अभी तक मुलाकात का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं से संपर्क कर उन्हें दिल्ली आने का आग्रह किया है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे समेत कई वरिष्ठ नेताओं को इस मुद्दे पर एकजुट होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
समय नहीं मिला तो राष्ट्रपति भवन मार्च
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलता है तो सांसद राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। गठबंधन के नेताओं का मानना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
ममता बनर्जी ने भी दिल्ली रवाना होने से पहले संकेत दिए कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा के लिए उन्हें राजधानी बुलाया गया है।
संविधान सदन में होगी रणनीतिक बैठक
INDIA गठबंधन के सांसद शुक्रवार दोपहर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक करेंगे। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद विरोध कार्यक्रम को लेकर अगला कदम उठाया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति से मुलाकात नहीं होने की स्थिति में विपक्ष प्रदर्शन के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इसी कारण सभी सहयोगी दलों को एकजुट रहने का संदेश दिया गया है।
पहले भी भेजा जा चुका है अनुरोध
विपक्षी नेताओं का दावा है कि राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहले भी अनुरोध भेजा गया था। बाद में राष्ट्रपति भवन की ओर से शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे गए थे। इसके बाद संशोधित सूची के साथ दोबारा आवेदन भेजा गया, लेकिन अब तक अंतिम जवाब का इंतजार है।
सीईसी मुद्दे पर तेज हुई सियासत
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। संसद से सड़क तक विपक्ष लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है, जबकि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं।