राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को ईसीआई का नवाचार और उपलब्धियों का उत्सव
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) 25 जनवरी को नई दिल्ली में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा
लोकतंत्र के राजदूत बनें 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सीईसी का आह्वान
- बिहार से वैश्विक मंच तक ईसीआई की पारदर्शी चुनाव प्रणाली ने दिलाया गौरव
- मतदाता सूची की शुद्धता से मजबूत लोकतंत्र 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर संदेश
- युवाओं को समर्पित अभियान ईसीआई ने मतदाता जागरूकता को दी नई दिशा
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) 25 जनवरी को नई दिल्ली में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाएगा। मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश के सभी मतदाताओं को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर हार्दिक शुभकामनाएं! भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले, 25 जनवरी 1950 को हुई थी। हम हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमारे मतदाताओं को समर्पित है। वर्ष 2025 भारत निर्वाचन आयोग के लिए उपलब्धियों और नवाचारों का वर्ष रहा। आयोग ने अपने नए और प्रभावी स्वरूप में न केवल मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की और मतदान प्रक्रिया को प्रत्येक मतदाता के लिए अधिक सुगम बनाया, बल्कि निर्वाचन-संबंधी चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करते हुए निर्वाचन के प्रत्येक चरण को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने देश के दूरस्थ कोनों से लेकर वैश्विक मंच तक अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस वर्ष आयोग ने लगभग 30 महत्वपूर्ण पहलें कीं तथा उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। इनमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम), नई दिल्ली में सघन प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण, जिसमें विभिन्न राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के 5000 से भी अधिक बीएलओ/बीएलओ सुपरवाइजर को प्रशिक्षित किया गया, ईसीआई नेट ऐप का शुभारंभ, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा तथा प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित करना जैसी प्रमुख पहलें शामिल रहीं।
उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला होती है। इसी उद्देश्य के अंतर्गत मतदाता सूची के एसआईआर की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो तथा हर अपात्र नाम सूची से हटाया जाए। इसे बिहार में सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है तथा वर्तमान में 12 राज्यों में यह सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। शेष राज्यों में भी इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। बिहार में एसआईआर की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह रहा कि तैयार की गई मतदाता सूची पर एक भी अपील दर्ज नहीं हुई, जिससे इसकी पवित्रता और विश्वसनीयता सिद्ध हुई। इसी सशक्त आधार पर संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव ऐतिहासिक रहे- 1951 के बाद सर्वाधिक मतदाता सहभागिता (67.13 प्रतिशत) देखने को मिली, जिसमें महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी (71.78 प्रतिशत) विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव तथा विभिन्न उपचुनावों का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया। डिजिटल युग की आवश्यकता को समझते हुए आयोग ने ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई हैं, जो आयोग की तकनीकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। आज भारत की मजबूत और पारदर्शी चुनाव प्रणाली ने वैश्विक मंच पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत को इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता सौंपा जाना हम सभी के लिए गर्व का विषय है, और मुझे भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में यह सम्मान स्वीकार करते हुए विशेष गौरव की अनुभूति हुई।
उन्होंने कहा कि हाल ही में 21 से 23 जनवरी के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रबंधन और चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए विश्व का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन संस्थानों के प्रमुखों एवं वरिष्ठ अधिकारियों, साथ ही कई देशों के राजदूतों ने भाग लिया। यह पहल न केवल भारत और भारत निर्वाचन आयोग की वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय निर्वाचन आयोग के सशक्त नेतृत्व को भी मजबूती से स्थापित करती है।
उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी मतदाताओं, विशेषकर युवा मतदाताओं की भूमिका पर बल देना चाहता हूं कि वे निश्चित रूप से मतदान करें, स्वयं लोकतंत्र के राजदूत बनें, और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। मैं अपने युवा मतदाताओं से आह्वान करता हूं कि वे भ्रामक सूचनाओं, दुष्प्रचार और झूठे नैरेटिव के विरुद्ध नेतृत्व करें। इसके लिए आवश्यक है कि हमारे युवा चुनावी प्रक्रियाओं तथा निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों के प्रति पूरी तरह जागरूक रहें और सही जानकारी को अपने मित्रों, परिवार एवं समाज तक सक्रिय रूप से पहुंचाएं। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित चुनावी साक्षरता क्लब युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना को सशक्त कर रहे हैं - चाहे वह केरल के पालक्काड के अट्टापडी जनजातीय क्षेत्र में युवाओं द्वारा घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरण के प्रति लोगों को जागरूक करना हो, या ओडिशा के बनमालीपुर, खुर्दा में निरंतर निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित करना। आनेवाले वर्ष में भारत निर्वाचन आयोग युवाओं के लिए एक समर्पित, युवा-केंद्रित अभियान की शुरुआत करेगा, जो उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की स्पष्ट समझ देगा और आयोग की पहलों से सीधे जोड़ेगा।