कांग्रेस की बड़ी बैठक आज, खड़गे ने विपक्षी एकता पर दिया जोर
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को सभी एआईसीसी महासचिवों, राज्य प्रभारियों और राज्य इकाई के अध्यक्षों की एक जरूरी बैठक बुलाई है;
इंडिया ब्लॉक बैठक के बाद नई रणनीति
- भाजपा सरकार पर खड़गे का तीखा हमला
- आर्थिक संकट और नौकरियों पर चिंता
नई दिल्ली। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को सभी एआईसीसी महासचिवों, राज्य प्रभारियों और राज्य इकाई के अध्यक्षों की एक जरूरी बैठक बुलाई है।
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा था, "मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा के लिए 11 जून, 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में एआईसीसी के महासचिवों, प्रभारियों और पीसीसी अध्यक्षों की एक जरूरी बैठक होगी। आईएनसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे।"
An urgent meeting of AICC General Secretaries, In-charges and PCC Presidents will be held tomorrow, 11 June, 2026 at Indira Bhavan, New Delhi, to discuss current political developments.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) June 10, 2026
INC President Sh. Mallikarjun @kharge ji will preside over this crucial meeting.
यह बैठक 8 जून को हुई 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक के कुछ दिनों बाद हो रही है, जो गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव के बीच हुई थी। "इंडिया जनबंधन" नाम से हुई इस बैठक में गठबंधन की भविष्य की रणनीति और अहम राजनीतिक मुद्दों पर तालमेल को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ 'संयुक्त लड़ाई' की सराहना की, जिसके कारण लोकसभा में परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े 'दुर्भावनापूर्ण' बिल विफल हो गए। उन्होंने 'इंडिया' ब्लॉक के सदस्यों से देश के सामने मौजूद कई अहम मुद्दों पर सत्ताधारी सरकार को घेरने और उसका सामना करने के लिए अपनी भावना और संकल्प को मजबूत करने का आग्रह किया।
खड़गे ने विधानसभा चुनावों में हालिया हार के बाद विपक्षी गठबंधन को फिर से खड़ा करने के लिए एक रणनीतिक योजना साझा की और केंद्र सरकार के खिलाफ एक मजबूत और टिकाऊ मोर्चा बनाने के लिए संबंधित हितधारकों से सक्रिय योगदान और चर्चा की मांग की।
कांग्रेस प्रमुख ने संविधान पर हमले और राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे कई मुद्दों पर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की कड़ी आलोचना की। साथ ही उन्होंने देश के 'आर्थिक हालात', खासकर पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर चिंता जताई।
खड़गे ने कहा कि नई नौकरियां पैदा करने के लिए जरूरी रफ्तार से नया निवेश नहीं आ रहा है। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है।