काकोली घोष का दावा, 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी' में शामिल होंगे टीएमसी के बागी सांसद
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और अलग बैठने की व्यवस्था तथा कथित राजनीतिक बदलाव को लेकर ज्ञापन सौंपा;
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और अलग बैठने की व्यवस्था तथा कथित राजनीतिक बदलाव को लेकर ज्ञापन सौंपा। इन सांसदों का नेतृत्व करने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मीडिया से बातचीत में कई महत्वपूर्ण दावे किए, जिनसे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने स्पीकर से मिलकर यह अनुरोध किया कि उन्हें सदन में अलग बैठने की व्यवस्था दी जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये सांसद अब एक नई राजनीतिक संरचना की ओर बढ़ रहे हैं और उन्होंने कथित तौर पर 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' में विलय करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस दावे पर आधिकारिक राजनीतिक दलों की ओर से तत्काल कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।"
उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी सांसद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ मिलकर काम करने की इच्छा रखते हैं। उनके पास दो-तिहाई से अधिक सांसदों का समर्थन है, जिससे यह बदलाव वैधानिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ शिकायतें भी स्पीकर को सौंपी गई हैं।
टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है। जब आप पार्टी के दो तिहाई सदस्यों के साथ अलग होते हैं तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में हम तृणमूल कांग्रेस का नाम देने की मांग करेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का दो तिहाई बहुमत है। फिर कोर्ट तय करेगा।"
उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ मुलाकात पर कहा, "ओम बिरला ने सभी हस्ताक्षरों की पुष्टि की। 20 हस्ताक्षर थे।"
बता दें कि बागी टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की।