सुषमा स्वराज की जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया। अमित शाह ने कहा कि उनके कार्य दशकों तक देशवासियों को प्रेरणा देते रहेंगे

Update: 2026-02-14 04:47 GMT

नई दिल्ली। पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण से सम्मानित सुषमा स्वराज की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें याद किया। अमित शाह ने कहा कि उनके कार्य दशकों तक देशवासियों को प्रेरणा देते रहेंगे।

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संगठन से सरकार तक जनकल्याण को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाली सुषमा स्वराज राष्ट्रहित के विषयों पर निर्भीकता के लिए जानी जाती थी। देश, संस्कृति, भाषा, विदेश नीति व नारी सशक्तीकरण के उनके कार्य दशकों तक देशवासियों को प्रेरणा देते रहेंगे। सुषमा को उनकी जयंती पर नमन करता हूं।"

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री, पद्म विभूषण सुषमा स्वराज की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।"

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए लिखा, "ओजस्वी वाणी की धनी, संवेदनशीलता और सेवा की सजीव प्रतीक आदरणीया सुषमा स्वराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनकी स्मृति, उनके आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।"

लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने सुषमा स्वराज को अद्भुत वक्ता और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। ओम बिरला ने लिखा, "सार्वजनिक जीवन में उन्होंने दृढ़ संकल्प और मानवीय संवेदना का अनुपम संतुलन प्रस्तुत किया। विदेश मंत्री के रूप में वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए उन्होंने संकट की हर घड़ी में भारतीयों के प्रति आत्मीयता और तत्परता का परिचय दिया। राष्ट्रहित के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पित जीवन आज भी लोकसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरक आदर्श के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करता है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "भारतीय राजनीति के क्षितिज पर अपनी विद्वत्ता, शालीनता और ओजस्विता की अमिट छाप छोड़ने वाली, 'पद्म विभूषण' सुषमा स्वराज की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन भारतीय राजनीति में शुचिता, सामर्थ्य और संवेदना की ऐसी त्रिवेणी थी, जिसने सत्ता को 'सेवा' के उच्चतम प्रतिमानों पर प्रतिष्ठित किया।"

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