'नीट पेपर लीक से सीजेपी के संसद मार्च तक', जेपी नड्डा ने विपक्ष को दिखाया आईना
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च, नीट पेपर लीक और राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर विस्तार से बात की;
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च, नीट पेपर लीक और राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर विस्तार से बात की। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक जैसे मुद्दे पर विपक्ष को आईना भी दिखाया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्रों की जो मांग है, सबसे पहले मैं कहूंगा कि इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। ये एक गहन समस्या है और इस समस्या का गहनता से चर्चा करने की आवश्यकता है। मैं आज यहां ये भी कहना चाहूंगा कि शाम 4 बजे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक के बारे में चर्चा की। ये जांच का विषय है और इसके लिए सरकार हर बात का जवाब जनता के सामने रखेगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेवा चयन बोर्ड (एससीएस) की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक हुआ। यहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। हिमाचल प्रदेश में विद्यालय परीक्षा बोर्ड (एससीएस) की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक हुआ। यहां कांग्रेस पार्टी की सरकार है। झारखंड में जेएसी (विद्यालय चयन बोर्ड) में हिंदी और विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक हुए। यहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। तेलंगाना में इंटरमीडिएट परीक्षा में भाषा का प्रश्नपत्र लीक हुआ। यहां कांग्रेस और सीपीआई की सरकार है। इसी तरह एसएससी परीक्षा में भी भाषा का प्रश्नपत्र लीक हुआ।
नड्डा ने कहा कि मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वे इतने सेलेक्टिव क्यों हैं? आपने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन शासित राज्यों में हुए पेपर लीक के बारे में चर्चा क्यों नहीं की? यह स्पष्ट है कि आपको छात्रों के हितों की कोई परवाह नहीं है। आपका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना या छात्रों को न्याय दिलाना नहीं है। आप छात्रों के मुद्दे को उठाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ये तो केवल कुछ उदाहरण हैं, ऐसी घटनाओं की लिस्ट काफी लंबी है। मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी से पूछना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर आपका रवैया चयनात्मक (सेलेक्टिव) क्यों है?
केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मामला सरकार के सामने आने के बाद हमने क्या किया, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही अन्य सरकारों को भी इस मामले को कैसे देखना चाहिए और किन बिंदुओं पर चर्चा करके समाधान निकालना जरूरी है, जिससे छात्रों के साथ अन्याय न हो, इस पर भी विचार होना चाहिए। सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में यह एक जिम्मेदार सरकार है, जो हमेशा सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार रहती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हम चाहते थे कि इस पर (पेपर लीक) पार्लियामेंट में चर्चा हो। कम समय की चर्चा, लंबे समय की चर्चा, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में, आप तय करें कि आप कितना समय लेना चाहते हैं। आप 12 घंटे ले सकते हैं, आप 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विपक्ष जितने घंटे तय करेगा, हम चर्चा के लिए तैयार हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए।
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि नकारात्मक राजनीति के विपरीत हमें सोचना चाहिए कि हम इस समस्या को कैसे हल कर सकते हैं और पार्लियामेंट सबसे सही मंच है, जहां हम इस बारे में गहराई से सोच सकते हैं। विपक्ष को समय तय करना चाहिए और उसमें हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए और हमें एक ठोस पॉलिसी बनानी चाहिए। बच्चे देश का भविष्य हैं। देश के भविष्य की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी में सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी शामिल है।
उन्होंने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा, "विपक्ष को केवल कुछ मामलों को चुनकर नहीं उठाना चाहिए। यदि विपक्ष छात्रों के हितों को लेकर चिंतित है तो उसे सभी राज्यों और सभी सरकारों के दौरान हुई घटनाओं पर चर्चा करनी चाहिए। यह मुद्दा राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है।"
जेपी नड्डा ने कहा, "पिछली सरकारों के कार्यकाल में भी पेपर लीक के कई मामले सामने आए हैं। आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर संसद में इस गंभीर विषय पर चर्चा होनी चाहिए।"
सीजेपी विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है और यदि लिखित रूप में कोई बात आती है तो उस पर विचार किया जाएगा। वहीं, सोनम वांगचुक से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना गया है और उनके द्वारा पत्र भी लिखा गया है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर नड्डा ने कहा कि ऐसे मुद्दे इस तरह नहीं उठाए जाते। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में बहस के लिए तैयार है और चर्चा के माध्यम से ही समाधान निकाला जाना चाहिए।