नई दिल्ली: Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लरिश होटल में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया। बुधवार सुबह हुई इस घटना में पांच मंजिला इमारत पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे होटल में फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं।
मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार
घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान बजाज ने कई अहम बातें स्वीकार की हैं, जो मामले को और गंभीर बनाती हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आग लगने के समय वह मौके के पास से अपनी कार में गुजर रहा था, लेकिन उसने इमारत में फंसे लोगों की मदद करने के बजाय वहां से चले जाने का फैसला किया। बजाज ने पूछताछ में कहा कि वह उस समय डर गया था और इसी वजह से वह तुरंत वहां से निकल गया। उसने यह भी स्वीकार किया कि घटना के बाद वह घर नहीं गया, बल्कि शहर में इधर-उधर घूमता रहा।
होटल प्रबंधन से दूरी का दावा
लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि वह होटल के रोजमर्रा के संचालन में सीधे तौर पर शामिल नहीं था। उसके अनुसार, होटल का मैनेजमेंट, बिलिंग और अकाउंट्स का काम अन्य लोगों के जिम्मे था। उसने यह भी दावा किया कि कमरे बढ़ाने और इमारत में किए गए बदलावों का सुझाव भी किसी दूसरे व्यक्ति ने दिया था। बजाज के अनुसार, उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि होटल में किए गए संशोधन सामान्य हैं और दिल्ली में इस तरह की व्यवस्थाएं आमतौर पर स्वीकार की जाती हैं।
आग ने बचाव कार्य को मुश्किल बनाया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग सुबह करीब 8:30 बजे लगी थी। शुरुआती कुछ मिनटों में ही आग और धुआं तेजी से पूरी इमारत में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का समय ही नहीं मिला। कई लोग कमरों में ही फंस गए। फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कुल 58 लोगों को रेस्क्यू किया गया, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर थी।
हादसे में भारी जनहानि और घायलों की स्थिति
इस हादसे में 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 15 को आईसीयू में भर्ती किया गया है। इनमें से 8 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को लाया गया था, जिनमें से 18 को मृत अवस्था में ही लाया गया। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो बचाव अभियान के दौरान घायल हुए। कुल 10 पुलिसकर्मी इस घटना में जख्मी हुए हैं।
विदेशी नागरिक भी हादसे का शिकार
इस अग्निकांड में मृतकों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें 9 लोग अफ्रीकी देशों से थे, जबकि 2 नागरिक तुर्कमेनिस्तान के रहने वाले थे। भारतीय मृतकों की संख्या 10 बताई जा रही है। सभी शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि सही पहचान सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। होटल में सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी सिस्टम और बिल्डिंग मॉडिफिकेशन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या होटल में अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था। लवकेश बजाज की गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कई और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
शहर में शोक और सवालों का माहौल
इस दर्दनाक हादसे ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और होटल संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों ही इस घटना को बड़ी चूक मान रहे हैं। 21 लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस भयावह त्रासदी के पीछे असली जिम्मेदार कौन हैं।