दिल्ली: साहिल लोचब की एफआईआर दर्ज, कांग्रेस ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर साधा निशाना
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे राहुल गांधी की लगातार कोशिशों का नतीजा बताया है;
नई दिल्ली। जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे राहुल गांधी की लगातार कोशिशों का नतीजा बताया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की आलोचना की।
केसी वेणुगोपाल ने अपने पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी के घंटों तक विरोध प्रदर्शन करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाने के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस को झुकना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक संज्ञेय अपराध का मामला था और सामान्य परिस्थितियों में तुरंत एफआईआर दर्ज हो जानी चाहिए थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई में देरी की। उन्होंने कहा कि बढ़ते जनदबाव के बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज करनी पड़ी, जो यह दर्शाता है कि लोगों को अपने बुनियादी संवैधानिक अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दृढ़ता और लगातार प्रयासों की वजह से साहिल लोचब की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो सकी। उन्होंने कहा कि संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी के लगभग छह घंटे के धरने के बाद यह कार्रवाई हुई। जयराम रमेश ने दावा किया कि हरियाणा के रहने वाले छात्र साहिल लोचब के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और उन्हें गंभीर शारीरिक चोटें आईं। आरोप लगाया गया कि यह सब केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा था, जिसकी वजह से एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी।
गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर लंबे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में साहिल लोचब ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले जा रहे छात्र मार्च के दौरान उन पर धातु के पैलेट दागे गए थे। उनका दावा है कि इस घटना में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और शरीर के कई हिस्सों में 200 से अधिक छर्रे धंसे हुए हैं।
साहिल ने शिकायत में कहा है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्र हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और भगदड़ के बीच उन पर कई बार पैलेट दागे गए, जिसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं।
कांग्रेस इस पूरे मामले को छात्रों के अधिकारों और पुलिस कार्रवाई से जोड़कर उठा रही है, जबकि मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है।