नई दिल्ली: NEET से जुड़े विवादों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ मंच साझा किया। कार्यक्रम स्थल पर उन छात्रों के पोस्टर भी लगाए गए, जिनकी मौत की खबरें हाल के दिनों में सामने आई हैं।
Go Pradhan Go… pic.twitter.com/vZkwxUmhX5
— Arpit Sharma (@iArpitSpeaks) June 20, 2026
पीएम मोदी को पत्र लिखकर की मुआवजे की मांग
प्रदर्शन से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन छात्रों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जिनकी मौत की घटनाएं चर्चा में रही हैं। उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। पत्र में उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े विवाद और अनिश्चितता का असर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि परीक्षा दोबारा आयोजित होने के बावजूद छात्रों के बीच तनाव और चिंता की स्थिति बनी हुई है, इसलिए सरकार को मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
The Cockroaches Are Here Armed With Love, Flowers & Thali! pic.twitter.com/qdot3OzJiA
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 20, 2026
देश के कई शहरों में हो चुके हैं प्रदर्शन
अभिजीत दीपके इससे पहले 6 जून को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी पार्टी पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर समेत कई शहरों में भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन आयोजित कर चुकी है।
राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील
दीपके ने कहा कि जो भी राजनीतिक दल और नेता छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, उन्हें खुलकर उनके समर्थन में सामने आना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित सभी राजनीतिक नेताओं से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे व्यावसायिक स्वरूप लेती जा रही है और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के बजाय निजी संस्थानों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
हाल के हफ्तों में विभिन्न राज्यों से NEET की तैयारी कर रहे छात्रों से जुड़ी कई दुखद घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। देश में पिछले 38 दिनों में NEET एग्जाम से जुड़े 14 छात्र-छात्राएं सुसाइड कर चुके। इसी क्रम में इंदौर में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में उपचार के दौरान मृत पाई गई।
गाजियाबाद में शुक्रवार को 22 साल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। छात्र ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक मिनट चार सेकेंड का वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने खुद को किसी दबाव में न होने की बात कही। हालांकि, वह खुद को थोड़ा अवसादग्रस्त बता रहा था। ऐसी घटनाओं ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा प्रणाली से जुड़े दबाव को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था और छात्र कल्याण पर चर्चा तेज
NEET विवाद और उससे जुड़े घटनाक्रमों के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। विभिन्न संगठनों और छात्र समूहों की ओर से निष्पक्ष व्यवस्था और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की मांग उठाई जा रही है।