NEET Paper Leak पर सीबीआई का बड़ा वार: 13 आरोपी चार्जशीट में नामजद

नीट यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है;

Update: 2026-07-28 21:14 GMT

360 गवाह और 422 दस्तावेज: सीबीआई ने पेश किए ठोस सबूत

  • 92 ठिकानों पर छापेमारी: डिजिटल उपकरण और बैंक खाते जब्त
  • कोचिंग संस्थान और विशेषज्ञ भी फंसे: एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञ गिरफ्तार
  • कड़ी सजा की चेतावनी: एजेंसी ने कहा- दोषियों को नहीं मिलेगी राहत

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत नष्ट करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों को शामिल किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल किए गए सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

मामले की शुरुआत तब हुई जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायत दर्ज कराई थी। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले की जांच के लिए एजेंसी ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमें गठित कीं, जिनमें 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल थे।

सीबीआई ने जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में कुल 92 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में जांच एजेंसी ने डिजिटल उपकरण, संचार उपकरण, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की।

जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की गई। सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान पेपर लीक के स्रोत से लेकर लाभार्थी छात्रों तक पहुंचने वाली पूरी कड़ी का पता लगाया गया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आई।

सीबीआई ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को की थी। अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स विषयों के तीन विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

जांच में कई बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई, जो लीक हुए प्रश्नपत्रों को हासिल कर आगे उम्मीदवारों तक पहुंचाने में शामिल थे। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने विशेषज्ञों से लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किए थे।

सीबीआई ने मामले में पैसों के लेन-देन की भी जांच की है। मनी ट्रेल की जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट को फ्रीज किया गया है।

जांच एजेंसी ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की राय और शैक्षणिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट हासिल की गई है। इन रिपोर्टों से यह पुष्टि हुई है कि आरोपियों की भूमिका परीक्षा से पहले लीक हुए प्रश्नों के प्रसार में थी।

सीबीआई ने कहा कि मामले में आगे की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण अभी जारी है। एजेंसी ने दोहराया कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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