तेलंगाना में एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी लॉन्च, विकसित भारत के विजन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने शनिवार को तेलंगाना में एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी का शुभारंभ किया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप, नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने शनिवार को तेलंगाना में एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी का शुभारंभ किया, जो स्कूली स्तर से ही नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
इस पहल के तहत 379 अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) को संरचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे युवा नवोन्मेषकों को अपने विचारों को ऐसे समाधानों में बदलने में मदद मिलेगी। ये भारत के विकास में योगदान देंगे और तेलंगाना को भारत के बढ़ते जमीनी स्तर के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।
इस समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला और केंद्रीय कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्डी उपस्थित थे। इस अवसर पर तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जो भविष्य के लिए तैयार नवप्रवर्तकों को पोषित करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया, एटीएल के प्रभाव को गहरा करने के लिए एक केंद्रित प्रयास का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसका उद्देश्य केवल पहुंच प्रदान करने के बजाय निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा देना है। यह पहल क्षेत्रीय स्तर पर एटीएल को समूहों में बांटती है और उन्हें अग्रणी स्थानीय संस्थानों से जोड़ती है ताकि निरंतर मार्गदर्शन, शिक्षक प्रशिक्षण और इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप सहायता के लिए मार्ग प्रशस्त हो सकें।
इस मॉडल के तहत, तेलंगाना के 379 एटीएल को समूहों में संगठित किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक नोडल संस्थान करेगा। वर्धमान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को राज्य के लिए नोडल संस्थान के रूप में शामिल किया गया है, जो तकनीकी शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग एटीएल स्कूलों को समर्थन देने और स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए करेगा।
तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने कहा, “एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी की पहल से युवा शिक्षार्थियों और उत्कृष्टता प्राप्त संस्थानों के बीच सार्थक संबंध स्थापित करके हमारे स्कूलों में नवाचार की नींव मजबूत होती है। इससे छात्रों को रचनात्मक रूप से सोचने, वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की शक्ति मिलेगी। ऐसी पहलें एक ऐसी पीढ़ी को आकार देने में महत्वपूर्ण हैं जो आत्मविश्वास से भरी, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार हो और एआईएम इसे साकार कर रहा है।”
एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी की यह पहल छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों, संरचित समस्या-समाधान दृष्टिकोणों और अपने नवाचारों को व्यापक स्तर पर लागू करने के अवसरों से व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए बनाई गई है। शिक्षकों की क्षमता को मजबूत करके और संस्थागत सहयोग प्रदान करके, यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि स्कूलों में नवाचार एक सतत और विकसित प्रक्रिया बन जाए।
अटल इनोवेशन मिशन के निदेशक दीपक बागला ने कहा, “ प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर, अटल इनोवेशन मिशन सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी ऐसे महत्वपूर्ण कदम हैं जो हमने एक ऐसी संस्कृति के निर्माण की दिशा में उठाए हैं, जहां नवाचार की शुरुआत प्रारंभिक अवस्था में ही हो जाती है और उसे निरंतर पोषित किया जाता है। हमारा उद्देश्य प्रत्येक युवा नवप्रवर्तक को विचार से लेकर प्रभाव तक पहुंचने में सक्षम बनाना है। स्कूलों, संस्थानों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच मजबूत संबंध स्थापित करके, हम प्रतिभाओं की एक सशक्त श्रृंखला का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले वर्षों में भारत के विकास, प्रतिस्पर्धात्मकता और आत्मनिर्भरता को गति प्रदान करेगी।”
तेलंगाना में एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी की शुरुआत, एआईएम के व्यापक राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाती है, जिसका उद्देश्य छात्रों के लिए विश्व के सबसे बड़े नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक की स्थापना करना है, जिसमें देश भर में 10,000 से अधिक एटीएल कार्यरत हैं। स्थानीय संस्थागत साझेदारियों का लाभ उठाकर और सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर, यह पहल सुनिश्चित करती है कि नवाचार को न केवल पेश किया जाए बल्कि लगातार पोषित और विस्तारित भी किया जाए।
मजबूत संस्थागत समर्थन और नेतृत्व के साथ, एटीएल सारथी और मेंटर इंडिया अकादमी से एटीएल से नवाचार परिणामों को बढ़ाने, क्षेत्रीय नवाचार केंद्रों को बढ़ावा देने और युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की एक श्रृंखला तैयार करने की उम्मीद है जो भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में सार्थक योगदान देंगे।