अजित पवार के बाद सुनेत्रा पवार संभालेंगी उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार में उनकी जगह भरने के लिए पत्नी सुनेत्रा पवार को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है
अजित पवार के बाद सुनेत्रा पवार संभालेंगी महाराष्ट्र की राजनीति?
- एनसीपी की अहम बैठक आज, सुनेत्रा पवार बनेंगी विधायक दल की नेता
- महाराष्ट्र को मिलेगी पहली महिला उपमुख्यमंत्री, शाम 5 बजे शपथ
- एनसीपी विलय की अटकलों पर विराम, सुनेत्रा पवार को मिली कमान
- अजित दादा का विजन आगे बढ़ाएंगी सुनेत्रा पवार, कार्यकर्ताओं का समर्थन
मुंबई। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार में उनकी जगह भरने के लिए पत्नी सुनेत्रा पवार को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की दोपहर लगभग दो बजे अहम बैठक होगी, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा।
अजित पवार के देवगिरी बंगले के बाहर शनिवार सुबह हलचल देखी गई। पार्टी कार्यकर्ता भी उनके घर के बाहर जुटे हैं। एक कार्यकर्ता रूपाली पटेल ने कहा, "अजित दादा ने हम कार्यकर्ताओं का पिता की तरह ख्याल रखा। आज भी भरोसा नहीं हो रहा है कि अजीत दादा हमारे बीच नहीं हैं। उनके अचानक से जाने का दर्द सहन करना मुश्किल है।"
उन्होंने कहा कि राजनीति में एक साधारण से कार्यकर्ता के लिए काम करना मुश्किल होता है, लेकिन अजित दादा ने हमें मौके दिए। सुनेत्रा पवार ने पर्दे के पीछे रहकर पूरा काम संभाला।
रूपाली पटेल ने कहा कि हमारा दुख गहरा है, लेकिन उससे ज्यादा सुनेत्रा पवार का दुख है, जो शब्दों से बयां नहीं हो सकता है। हमने सुनेत्रा पवार से अजित दादा के विजन को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया और उन्होंने हमारी अपील मान ली। आज वह उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी।
जानकारी के अनुसार, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार शनिवार को उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगी। उनका शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 5 बजे होगा। वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।
हालांकि, इस फैसले के बाद शरद पवार के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के साथ विलय की अटकलों पर भी विराम लग सकता है। महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाएं कई दिन से चल रही थीं। पिछले दिन एनसीपी-एसपी ने दावा किया कि बातचीत फाइनल हो गई है और पार्टी विलय के लिए घोषणा बाकी है।
एकनाथ खडसे ने शुक्रवार को कहा कि बातचीत तीन से चार महीने से चल रही थी। उन्होंने कहा, "यह लगभग तय हो गया था कि विलय होगा। विलय की घोषणा करने का प्लान था।"
राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने बयान में कहा कि अजीत पवार चाहते थे कि विलय हो। जयंत पाटिल ने भी मीटिंग की। दोनों गुटों को अजित दादा की इच्छा के अनुसार एक साथ आने की जरूरत है। हालांकि, एनसीपी ने अभी एनडीए के साथ रहकर सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए बैठक बुलाई है।