नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को वित्त वर्ष 2025-26 में मिलने वाले चंदे में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चुनाव आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी को इस वित्त वर्ष में कुल 12.10 करोड़ रुपये का योगदान मिला। रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इसमें करीब 83 प्रतिशत राशि दो प्रमुख दानदाताओं प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेडसे आई। यह रिपोर्ट ऐसे समय की है जब फरवरी 2025 में आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता से बाहर हो गई थी। हालांकि पार्टी पंजाब में सत्ता में है। योगदान रिपोर्ट में कुल 1,202 क्रमांकित प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं।
दो प्रमुख दानदाताओं से मिले 10 करोड़
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने आम आदमी पार्टी को पांच-पांच करोड़ रुपये का योगदान दिया। इस तरह दोनों संस्थाओं से पार्टी को कुल 10 करोड़ रुपये मिले। बाकी करीब 2.10 करोड़ रुपये अलग-अलग दानदाताओं से प्राप्त हुए। रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दो बड़े योगदानों की वजह से पार्टी की कुल प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा इन्हीं दोनों स्रोतों से आया। ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना पूर्व AAP सांसद राजिंदर गुप्ता ने की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 9 जनवरी 2026 को आम आदमी पार्टी को पांच करोड़ रुपये का चेक दिया था। उस समय गुप्ता आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। अक्टूबर 2025 में वह AAP के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए थे। बाद में अप्रैल 2026 में उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की।
पिछले साल मिला था 38.10 करोड़ का चंदा
चुनाव आयोग को दी गई पिछली योगदान रिपोर्ट से तुलना करें तो AAP के चंदे में इस बार बड़ी कमी आई है। वित्त वर्ष 2024-25 में पार्टी ने 38.10 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी थी। इससे पहले 2023-24 में पार्टी ने 11.06 करोड़ रुपये के योगदान की रिपोर्ट दी थी। वित्त वर्ष 2024-25 में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट AAP का सबसे बड़ा दानदाता था। उस वर्ष ट्रस्ट ने पार्टी को 16.40 करोड़ रुपये का योगदान दिया था।
आशुतोष रांका ने भी दिया था योगदान
योगदान रिपोर्ट में AAP के पूर्व प्रवक्ता आशुतोष रांका का नाम भी दर्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पार्टी को 21,100 रुपये का योगदान दिया था। यह राशि उस समय की बताई गई है, जब रांका आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। बाद में वह काकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक बने। उनके योगदान का उल्लेख भी पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को जमा कराई गई सूची में किया गया है।
अरविंद केजरीवाल और आतिशी का भी योगदान
रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं के व्यक्तिगत योगदान का भी विवरण है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नाम 10-10 हजार रुपये के तीन योगदान दर्ज हैं। इस तरह उनके नाम से कुल 30 हजार रुपये का योगदान दर्ज है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने 3,500-3,500 रुपये की 12 किस्तों में कुल 42 हजार रुपये का योगदान दिया। वहीं पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने 10-10 हजार रुपये की 12 किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये का योगदान दिया।
दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद पहला पूरा वित्त वर्ष
वित्त वर्ष 2025-26 की यह रिपोर्ट राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद AAP के सत्ता से बाहर होने के बाद का पहला पूरा वित्त वर्ष है। पार्टी अब दिल्ली में विपक्ष में है, जबकि पंजाब में उसकी सरकार है। वहीं, पांच करोड़ रुपये का योगदान देने वाली ट्राइडेंट लिमिटेड का कारोबार और आधार पंजाब से जुड़ा है। ऐसे में पार्टी की रिपोर्ट में दर्ज बड़े योगदान और दानदाताओं का विवरण चुनावी वित्तपोषण की तस्वीर को समझने के लिए महत्वपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध कराता है।