नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्पा और यूनीसेक्स सैलून की आड़ में चल रहे देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य जिला पुलिस ने पहाड़गंज इलाके में एक सैलून पर छापेमारी कर 24 लड़कियों को रेस्क्यू किया है। पुलिस ने इस मामले में सैलून के दो मालिकों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लड़कियों को विभिन्न राज्यों से नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया जाता था और बाद में जबरन देह व्यापार में धकेल दिया जाता था।
एनएचआरसी की सूचना पर कार्रवाई
यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से मिली सूचना के आधार पर की गई। दरअसल, हाल ही में एनएचआरसी की मदद से मेरठ के कबाड़ी बाजार क्षेत्र में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया गया था, जहां से 27 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। उन्हीं में से एक पीड़िता ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसे दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक स्पा सेंटर में काम दिलाने के बहाने लाया गया था, जहां देह व्यापार कराया जाता था। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एनएचआरसी ने मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को शिकायत प्रेषित की।
‘इमेज-2’ सैलून पर रात में छापेमारी
डीसीपी के निर्देश पर मध्य जिले की ऑपरेशन सेल की टीम ने 29 जनवरी की रात पहाड़गंज के आराकशां रोड स्थित ‘इमेज-2’ नामक यूनीसेक्स सैलून पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि सैलून के प्रथम और द्वितीय तल पर अवैध रूप से देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। मौके से 24 लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने तत्काल सैलून के दोनों मालिकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनीश अहमद और शफीक अहमद के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की जांच जारी है।
कई राज्यों से लाकर फंसाया गया
रेस्क्यू की गई लड़कियों की काउंसलिंग कराई गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से बेहतर नौकरी और ऊंचे वेतन का लालच देकर दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उनसे संपर्क सीमित कर दिया जाता था और दबाव बनाकर देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। विरोध करने पर धमकियां दी जाती थीं। पुलिस के अनुसार, रेस्क्यू की गई एक लड़की को उसी दिन कानपुर से दिल्ली लाया गया था। इससे संकेत मिलता है कि गिरोह लगातार नई लड़कियों को फंसाने की कोशिश में सक्रिय था।
संगठित गिरोह की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला एक संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो विभिन्न राज्यों में एजेंटों के माध्यम से लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर महानगरों में भेजता है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य सहयोगियों और संभावित एजेंटों की तलाश कर रही है। संबंधित मोबाइल फोन, दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार निवारण कानून के प्रावधानों के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। साथ ही, जिन राज्यों से लड़कियों को लाया गया, वहां की पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।
पीड़िताओं के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
रेस्क्यू की गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। संबंधित विभागों और गैर-सरकारी संगठनों की मदद से उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्राथमिकता पीड़िताओं की सुरक्षा, चिकित्सकीय सहायता और कानूनी सहयोग सुनिश्चित करना है, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।
राजधानी में बढ़ती चुनौती
दिल्ली में स्पा, मसाज पार्लर और यूनीसेक्स सैलून की आड़ में देह व्यापार संचालित होने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे अवैध धंधों के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार के खिलाफ सख्त और समन्वित प्रयासों की जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसे किसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या संबंधित एजेंसियों को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।