दिल्ली विधानसभा में आतिशी के कथित बयान पर सियासी तूफान

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी पर सिख गुरु के खिलाफ असंवेदनशील शब्दों के इस्तेमाल के आरोप को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है

Update: 2026-01-08 22:10 GMT

भाजपा ने बताया निंदनीय, सार्वजनिक माफी की मांग तेज

  • वीडियो रिकॉर्डिंग फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई, 15 दिन में रिपोर्ट
  • सचदेवा बोले- गुरुओं के सम्मान के दिन अनुचित टिप्पणी अस्वीकार्य
  • भाजपा का ऐलान- AAP कार्यालय के बाहर होगा विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी पर सिख गुरु के खिलाफ असंवेदनशील शब्दों के इस्तेमाल के आरोप को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। इस मामले पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आतिशी द्वारा गुरु के खिलाफ इस्तेमाल की गई कथित अपमानजनक भाषा को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और इसकी समीक्षा के लिए 15 दिनों का समय तय किया गया है।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि मौजूदा विधानसभा सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। उपराज्यपाल के अभिभाषण पर बहस पूरी करनी थी और सरकार द्वारा प्रदूषण जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा प्रस्तावित थी। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विधेयक भी इसी सत्र में पारित किए जाने थे, लेकिन इस विवाद के बाद विपक्ष इन मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि आतिशी के बयान के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है, जिससे विधानसभा सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है और अब अन्य विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया जाएगा।

इस पूरे मामले पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है। सचदेवा ने आरोप लगाया कि जिस दिन दिल्ली विधानसभा में गुरुओं को सम्मान दिया जा रहा था और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही थी, उसी दौरान विपक्ष की नेता ने अनुचित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और संभवतः आतिशी को अपनी गलती का एहसास हो गया था, इसी कारण वह अचानक सदन छोड़कर चली गईं।

वीरेंद्र सचदेवा ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। भाजपा और सिख प्रकोष्ठ मिलकर आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही आतिशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह इस मुद्दे से बचकर न निकल सकें।

वहीं, भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस पूरे मामले पर सफाई देनी चाहिए। वीडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच के बाद सच्चाई पूरी तरह सामने आ जाएगी। लवली ने दुख जताते हुए कहा कि जिस महान शख्सियत ने देश के लिए अपने परिवार तक का बलिदान दिया, उनके खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि किसी को शब्दों का सही चयन करना नहीं आता तो उसे चुप रहना चाहिए। उन्होंने इसे नक्सलवादी सोच और मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा इस मामले में केवल माफी नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।

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