Amazon-Future dispute: दिल्ली HC ने फ्यूचर ग्रुप की आर्बिट्रेशन रोकने की याचिका की खारिज

मेजन व फ्यूचर ग्रुप के बीच कानूनी लड़ाई भारत और सिंगापुर की अदालतों में दो साल से अधिक समय से चल रही थी, जिसमें मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने खुदरा, थोक, रसद और वेयरहाउसिंग संपत्ति बेचने के लिए 24,713 करोड़ का सौदा किया गया था।;

Update: 2022-11-22 13:47 GMT

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को किशोर बियानी के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सिंगापुर इंटरनेशनल आर्ब्रिटेशन सेंटर (एसआईएसी) के समक्ष ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता की कार्यवाही को खत्म करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने कहा कि एसआईएसी के समक्ष मध्यस्थता जारी रहेगी।

गौरतलब है कि अमेजन व फ्यूचर ग्रुप के बीच कानूनी लड़ाई भारत और सिंगापुर की अदालतों में दो साल से अधिक समय से चल रही थी, जिसमें मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने खुदरा, थोक, रसद और वेयरहाउसिंग संपत्ति बेचने के लिए 24,713 करोड़ का सौदा किया गया था।

अब फ्यूचर रिटेल-रिलायंस रिटेल डील को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बंद कर दिया है।

17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश को विफल करने और विवाद के संबंध में सिंगापुर न्यायाधिकरण के समक्ष जारी कार्यवाही को रोकने का प्रयास करने पर फ्यूचर ग्रुप से असंतोष व्यक्त किया था।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने फ्यूचर ग्रुप के अधिवक्ता के.वी. विश्वनाथन से कहा कि उनके मुवक्किल का इरादा मध्यस्थता को रोकना और इस अदालत के आदेश की अवहेलना करना है।

पीठ ने कहा, आपका मुवक्किल बहुत चालाक बनने की कोशिश कर रहा है।

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