पीपीई किट घोटाले के ओरोपी डा. गुप्ता को अदालत ने जमानत दी
पीपीई किट खरीद के भुगतान में कथित तौर पर रिश्वत की बात को लेकर वायरल ऑडियो के बाद राज्य सरकार ने डा. गुप्ता को निलम्बित करने के बाद मामले की सतर्कता ब्यूरो से जांच कराने के आदेश दिये थे।;
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी के मरीजों के ईलाज में चिकित्सा कर्मियों द्वारा सुरक्षात्मक तौर इस्तेमाल की जाने वाली पीपीई किट खरीद घोटाने के कथित आरोपी और स्वास्थय विभाग के पूर्व निदेशक डा. अजय कुमार गुप्ता को आज स्थानीय अदालत से सशर्त जमानत दे दी।
पीपीई किट खरीद के भुगतान में कथित तौर पर रिश्वत की बात को लेकर वायरल ऑडियो के बाद राज्य सरकार ने डा. गुप्ता को निलम्बित करने के बाद मामले की सतर्कता ब्यूरो से जांच कराने के आदेश दिये थे। ब्यूरो ने बाद में डा. गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया था।
ब्यूरो ने डा. गुप्ता का पांच दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद आज जिला सत्र जज अरविंद मल्होत्रा की अदालत में पेश किया। ब्यूरो ने इस दौरान आरोपी का रिमांड पांच दिन और बढ़ाने की मांग की जिसका बचाव पक्ष ने विरोध कियाद्य। इस दौरान अदालत ने उससे पूछा कि ओरोपी गत पांच दिन से उसकी हिरासत में ही था और इस दौरान उससे क्या पूछताछ हुई और अब किसलिये उसे आगे रिमांड चाहिये। लेकिन ब्यूरो की ओर से इस सम्बंध में कोई ठोस दलील नहीं आने पर अदालत ने आरोपी की रिमांड अवधि बढ़ाने से इनकार करते हुये उसे दो लाख रूपये के निजी मुचलके और दो लाख रूपये की सशर्त जमानत दे दी। अदालत ने आरोपी को किसी भी गवाह पर दबाव न बनाने, उनसे किसी भी तरह से सम्पर्क नहीं साधने तथा जांच में सहयोग करने के आदेश दिए।