जेईई के तहत आईआईटी में काउंसलिंग व दाखिले पर रोक

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेईई (एडवांस) के तहत परीक्षा के संबंध में अब आगे आईआईटी काउंसलिंग व दाखिले पर रोक लगाने का आदेश दिया

Update: 2017-07-08 02:51 GMT

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेईई (एडवांस) के तहत परीक्षा के संबंध में अब आगे आईआईटी काउंसलिंग व दाखिले पर रोक लगाने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा व न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की पीठ ने कहा, आईआईटी जेईई-एडवांस की सीटों के लिए कोई काउंसलिंग या दाखिला अगले आदेश तक नहीं होगी।

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 जुलाई तय कर दी। अदालत का यह आदेश दो अभ्यर्थियों की याचिका पर आया है, जिसमें दो प्रश्नों में गलतियों के लिए सभी उम्मीदवारों को सात अंक दिए गए हैं। इसमें एक प्रश्न रसायन विज्ञान का है व दूसरा गणित का है। ये गलतियां हिंदा संस्करण के प्रश्नपत्र में हुई हैं। इसमें रसायन विज्ञान के प्रश्न के लिए तीन अंक और गणित के प्रश्न के लिए चार अंक निर्धारित हैं। पीठ ने यह भी आदेश दिया कि अब से कोई उच्च न्यायालय जेईई-आईआईटी (एडवांस) संबंधी किसी याचिका पर विचार नहीं करेगा।

अदालत ने आगे उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल से शनिवार तक उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित जेईई-आईआईटी (एडवांस) से जुड़ी याचिकाओं की संख्या व मामलों की प्रकृति की सूचना देने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपपने निर्देश की प्रति सभी रजिस्ट्रार जनरलों को दिए जाने का आदेश दिया। अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के तहत सात अंकों को लेकर कई आवेदनों को देखते हुए पीठ ने संकेत दिया कि वह पुन: मूल्यांकन का विकल्प चुन सकता है।

अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिन छात्रों ने इन दो सवालों को हल नहीं किया है, उन्हें बाहर रखा जा सकता है, लेकिन जिन्होंने इसे या गलत हल किया है, उन्हें यह अंक मिलेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से पेश होते।
 

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