नोटबंदी : भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला
रायपुर ! नोटबंदी के चलते आम जनता को हो रही परेशानियों को लेकर जनवेदना सम्मेलन के दौरान आज कांग्रेस नेताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला किया;
जनवेदना सम्मेलन में निशाने पर मोदी-रमन
रायपुर ! नोटबंदी के चलते आम जनता को हो रही परेशानियों को लेकर जनवेदना सम्मेलन के दौरान आज कांग्रेस नेताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला किया मंच पर मौजूद सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए कहा उन्होने कालाधन, भ्रष्टाचार व जालीनोट के नाम पर नोटबंदी की घोषण कर देश को आर्थिक अराजकता के माहौल में धकेल दिया है। 75 दिन बीत जाने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिली है।
रायपुर में मंगलवार को प्रंातीय स्तर पर आयोजित जनवेदना सम्मेलन में शहीद स्मारक भवन खचाखच भरा था प्रदेश के अलावा दिल्ली से कई नेता यहां पहुंचे थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने नोटबंदी के असलियत का खुलासा करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 112000 करोड़ रू. अपने कुछ चहेते उद्योगपतियों के कर्ज को माफ करने और 850000 करोड़ रू. उद्योगपतियों के पास बैंको के ऋ ण डूबत खाते में डाल दिये है। जिसमें अंबानी का 116000 करोड़ एवं अडानी का 84000 करोड़ का ऋ ण शामिल है, जिसको मोदी बचाने में लगे है। 10 साल में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विदेश यात्रा में लगभग 300 करोड़ रू. खर्च हुये थे, वहीं ढाई साल में मोदी ने लगभग 3000 करोड़ रू. खर्च किये है। ये इनकी असलियत जनता के सामने है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने स्वागत भाषण में कहा कि तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित जन-वेदना सम्मेलन में केन्द्र सरकार पर जबर्दस्त प्रहार करते हुये राहूल गांधी ने जो निर्देश प्रदान किया है उसी कड़ी में यह कार्यक्रम आयोजित है। नरेन्द्र मोदी मुखौटा लगाकर घूम रहे है उसके पीछे एक खौफनाक चेहरा है, जो पूरे हिन्दुस्तान को भयभीत करने में लगा है। मोदी ने कालाधन खत्म करने के नाम पर उसे गुलाबी करने के सिवाय कुछ नहीं किया, उन्होने पूरे देश में डर पैदा किया है जो ठीक नहीं है। नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि देश में 85 प्रतिशत राशि 1000 और 500 के नोट के रूप में चलन था। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आर्थिक आपातकाल लगा दिया किन्तु देश को लाभ होने के स्थान पर सिर्फ नुकसान हुआ। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी महंगाई, आतंकवाद व नक्सलवाद को लगाम लगाने में इस नोट बंदी से कोई सफलता नहीं मिली है, भाजपाई ने भ्रष्टाचार में खूब धन कमाया उन्होने किसी का नाम लिए बगैर एक मंत्री और पूव्र मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। अखिल भारतीय कांग्रेस के सचिव एवं प्रमुख समन्वयक परेश धनानी ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुये कहा कि नोटबंदी के बहाने गृहणियों एवं बच्चों के बचत पर प्रहार किया है। गरीबो को बैंक के लाइन में लगवाया, और अमीरो के कर्ज माफ किये। कार्यक्रम क्रियान्वयन प्रभारी अनिल शर्मा ने कहा उन्होने कहा ढाई साल में मोदी के दिये वेदनाओं और राज्य में 13 साल से जनता के तबाही का माहौल उस काले अध्याय को समाप्त करने के लिये कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना होगा। कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि नोटबंदी का सर्वाधिक दुष्प्रभाव मजदूरों पर पड़ा है, उन्हें काम से निकाला जा रहा है, नरेगा का 668 करोड़ का भुगतान शेष है। किसानों का रवि फसल भी प्रभावित हुआ है। सब्जी उत्पादक अपनी फसल सडक़ों पर फेकेने और मुफ्त में बांटने पर मजबूर है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री चरण दास महंत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चैबे, पूर्व मंत्री मो. अकबर ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, सांसद ताम्रध्वज साहू, छाया वर्मा, पूर्व सांसद करूणा शुक्ला, बोधराम कंवर, पी.आर. खुंटे, डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक, पीसीसी पदाधिकारी, मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी, एनएसयुआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती फूलोदेवी नेताम, सेवादल प्रमुख चैन सिंह सामले, जिला एवं ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष सहित पूरे प्रदेश के प्रदेश प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ने किया।
जनवेदना सम्मेलन की आड़ में कांग्रेस का कुर्सी क्रन्दन : कौशिक
भारतीय जनता पार्टी प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने आज कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित जनवेदना सम्मेलन को दरअसल कहीं पे निगाहे और कहीं पे निशाना का राजनीतिक ढकोसला बताया। कौशिक ने कहा कि दशकों तक केन्द्र और देश के अधिकांश राज्यों में शासन करने वाली कांग्रेस अपने परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जन विरोधी नीतियों के कारण, जनता द्वारा हाशिये पर ढकेल दी गई है। वहीं अपनी जन कल्याणकरी योजनाओं के चलते आज भारतीय जनता पार्टी केन्द्र में और देश के अधिकांश राज्यों में अपार जन समर्थन हासिल कर चुकी है। यह सर्वविदित है कि कालेधन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को तो नुकसान हो रहा था, साथ ही साथ यह नक्सलवाद, आतंकवाद और चुनावों में भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा दे रही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने विमुद्रीकरण के द्वारा इस पर अंकुश लगाया है।
यह तथ्य किसी से छुपा हुआ नहीं है कि आतंकवाद और नक्सलवाद का उदय और उत्थान कांग्रेस के शासन में ही हुआ। चुनावों में पानी की तरह पैसा बहाने का खेल भी दशको तक कांग्रेस ने कालेधन की सहायता से खेला है। अब इस काले धन पर विमुद्रीकरण की लगाम लगते ही कांग्रेस छटपटा रही है। वह नित नये नामों से जनता की तथाकथित तकलीफो का झुठा प्रस्तुतीकरण करते हुए आंदोलनों का नाटक कर रही है। आज उनके द्वारा आयोजित जनवेदना सम्मेलन इसी का नवीनतम फ्लाप एपिसोड है।
श्री कौशिक ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद से देश भर में लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकाय के चुनावों में जो गुजरात, महाराष्ट्र, असम, छत्तीसगढ़ और पंजाब में हुए है तथा सभी स्थानों पर भाजपा ने अपार जनसमर्थन के साथ विजयश्री हासिल की। यह नतीजे स्पष्ट रूप से विमुद्रीकरण के पक्ष में जनता का फैसला सुनाते हंै। कांग्रेस इन परिणामों को अपनी राजनीतिक मजबूरी के चलते अस्वीकार कर अनावश्यक आंदोलनों की नौटंकी कर रही है।