भाजपा उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या को देखकर कार्यकर्ताओं में भ्रम
भाजपा को कर्नाटक के पुराने मैसुरु इलाके के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत स्थानीय नेतृत्व के अभाव में विभाजित समूहों को एकजुट करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
मैसुरु। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को कर्नाटक के पुराने मैसुरु इलाके के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत स्थानीय नेतृत्व के अभाव में विभाजित समूहों को एकजुट करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए इन इलाकों में प्रत्येक सीट के लिए भाजपा का टिकट चाहने वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के कारण पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुयी है। विभाजित समूहों के दोहरे अाचरण से चुनाव में पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर भी ग्रहण लगने की संभावना बनी हुयी है।
इन्हीं कारणों से पार्टी प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत अपने शीर्ष नेताओं का राज्य में दौरे का कार्यक्रम निर्धारित कर रहा है।
शाह कर्नाटक परिवर्तन यात्रा के तहत इस इलाके का दो बार दौरा कर चुके हैं तथा अंदरुनी मतभेदों को खत्म कराने की कोशिश भी की है। वैसे पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश के नेताओं पर निर्भर करेगा कि वे किस प्रकार से माहौल को अपने पक्ष में करने में कामयाब हो पाते हैं।
शाह ने इस इलाके के अपने दौरे के दौरान स्पष्ट संकेत दिया कि दागी और खराब छवि के नेताओं काे पार्टी का टिकट नहीं दिया जाएगा।