बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई खिलाई गई
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 9 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया
दल्लीराजहरा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 9 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। जिसमेेंं नगर के सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई नि:शुल्क खिलाई गई। जो बच्चे स्कूल में अनुपस्थित रहे या बीमारी के कारण छूट गए हैं उन्हें 15 फरवरी को दवाई खिलाई जायेगी।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने नगर के सभी निजी एवं शासकीय स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्र मेें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व शिक्षकों की देखरेख मेें 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई नि:शुल्क खिलाई। इससे पूर्व कृमि संक्रमण के संबंध में बताया गया और गले मेें दवाई अटकने से बचाने के लिए बच्चों को दवाई चबाकर खाने की सलाह दी गई एवं बच्चों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा अपने शिक्षकों की देखरेख मेंं दवाई का सेवन किया। इसके अलावा गैर पंजीकृत व स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों मेें बुलाकर दवाई खिलाई गई।
कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा के स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं संयोजक रेखूराम साहू ने बताया कि कृमि मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग द्वारा प्रचार प्रसार कर लोगों में जागरूकता लाई जा रही है। कृमि संक्रमण से बच्चों मेंं खून की कमी (अनीमिया) हो सकती है जिसके कारण हमेशा थकावट रहती है तथा बच्चे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं जिससे संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास मेें बाधा आ सकती है।
बच्चों में कमजोरी तथा एकाग्र्रता में कमी हो सकती है। उन्होने कहा कि कृमि संक्रमण से बचने के लिए नाखून को साफ और छोटे रखें, हमेशा साफ पानी पीएं,भोजन को ढंक कर रखें,फल व सब्जियां साफ पानी में धोना चाहिए।
भोजन खाने से पहले एवं शौच के बाद अपने हाथ को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। खुले मेें शौच न कर हमेशा शौचालय का प्रयोग करना चाहिए। अपने घर तथा आसपास स्थल की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए और जूते पहनना चाहिए। यदि इन बातों का पालन किया जाये तो बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाया जा सकता है।