रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मंगलवार को प्रदेश की सियासत में उस समय गर्माहट बढ़ गई, जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने बैठकर करीब 80 मिनट तक बहस करते नजर आए। रायपुर प्रेस क्लब में हुई इस खुली बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने कार्यकाल और सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर अलग-अलग आंकड़े और दावे सामने रखे। यह बहस भूपेश बघेल की उस चुनौती के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कुछ दिन पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया था। शर्मा ने चुनौती स्वीकार की और मंगलवार को दोनों नेता प्रेस क्लब में एक मंच पर पहुंचे।
विजय शर्मा का दावा- ढाई साल में 11.75 लाख घर पूरे
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बहस के दौरान साय सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का आंकड़ा पेश किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख 75 हजार आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। शर्मा के मुताबिक, सरकार ने 18 लाख से अधिक आवास बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए करीब 26 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिसमें से लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल में 3.65 लाख नए आवासों को मंजूरी मिली है।
अब भूपेश जी उर्फ बड़ा घोटाला जी जब खुद को PM आवास का जानकारी नहीं रहेगा!
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) September 15, 2026
तो मुसीबत तो होगी ना… pic.twitter.com/Z0VsJtlEFG
कांग्रेस सरकार पर योजना में गड़बड़ी का आरोप
विजय शर्मा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि मार्च 2024 तक प्रदेश में 7,81,999 आवास स्वीकृत हुए थे, लेकिन इनमें से केवल करीब 81 हजार आवास ही पूरे हो पाए थे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पुराने आवास लंबित थे। इनमें वर्ष 2016 से अधूरे पड़े करीब 2.46 लाख आवासों के साथ प्रधानमंत्री जनमन योजना के लगभग 24 हजार और माओवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों के करीब 15 हजार आवास भी शामिल थे। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं हुईं।
प्रधानमंत्री आवास पर इन झूठों को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार कर लिया है.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 15, 2026
यह छत्तीसगढ़ की जनता की दुष्प्रचार पर जीत है.
1. 2023 में नई भाजपा सरकार ने 18 लाख नए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति करने का जो दावा किया था वो झूठ है
2. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह जी ने अपने तीन… pic.twitter.com/D7MesLjl5U
भूपेश बघेल ने आंकड़ों पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विजय शर्मा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े वास्तविक स्थिति को स्पष्ट नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने स्वीकृत आवासों और आवास प्लस के आंकड़ों को नए निर्माण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। बघेल के अनुसार, उनकी सरकार के दौरान करीब सात लाख आवासों को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि रमन सिंह सरकार के समय मिले लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाया गया और कोरोना महामारी सहित कई चुनौतियों के बावजूद आवासों की स्वीकृति और निर्माण की प्रक्रिया जारी रखी गई।
कोरोना काल में राशि और पोर्टल को लेकर अलग-अलग दावे
बहस के दौरान कोरोना काल में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी दोनों पक्षों के दावे अलग रहे। भूपेश बघेल ने कहा कि उस अवधि में केंद्र से राशि जारी नहीं हुई और योजना का पोर्टल भी बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि राज्यांश में परेशानी के बावजूद उनकी सरकार ने योजना को आगे बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक से ऋण लेने का प्रयास किया था। इसके विपरीत विजय शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में भी केंद्र की ओर से योजना के लिए राशि मिलती रही। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं ने अपने-अपने कार्यकाल के आंकड़ों और परिस्थितियों का हवाला दिया।
प्रेस क्लब के बाहर भी सियासी गर्मी बढ़ी
रायपुर प्रेस क्लब के अंदर जहां दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर बहस चल रही थी, वहीं इसकी गर्माहट बाहर भी देखने को मिली. कार्यक्रम के दौरान धीरे-धीरे कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता प्रेस क्लब के बाहर जमा होने लगे. भीड़ बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम आवास नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए. वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए अपने कार्यकाल में बड़ी संख्या में पीएम आवास दिए जाने का दावा किया.
नारेबाजी के बीच भारी पुलिस बल तैनात की गई
कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने और नारेबाजी को देखते हुए प्रेस क्लब के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. मौके पर कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे और स्थिति पर नजर रखी गई. कार्यक्रम के दौरान अंदर नेताओं के बीच आंकड़ों की सियासी लड़ाई चलती रही, तो बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी से माहौल गरमाता रहा.
मुख्यमंत्री साय ने विजय शर्मा को दिए 10 में 10 अंक
बहस के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच हुई बहस देखी है। मुख्यमंत्री ने अपने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को 10 में 10 अंक दिए, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को शून्य अंक देने की बात कही। इस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों से शुरू हुई बहस ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पुराने कार्यकालों के प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों पक्षों ने योजना की प्रगति को अपने-अपने आंकड़ों और दावों के आधार पर प्रस्तुत किया।