श्रुति चौधरी का हमला: कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ मुद्दा बेबुनियाद
कांग्रेस द्वारा 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान शुरू करने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच हरियाणा सरकार की मंत्री श्रुति चौधरी ने मंगलवार को कांग्रेस पर जुबानी हमला किया
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ पर मंत्री की प्रतिक्रिया, विपक्ष को बताया अपरिपक्व
- विधानसभा में हंगामे पर नाराज़गी, चौधरी बोलीं– पवित्र जगह का अपमान
- मनरेगा में सुधार का दावा, रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई
चंडीगढ़। कांग्रेस द्वारा 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान शुरू करने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच हरियाणा सरकार की मंत्री श्रुति चौधरी ने मंगलवार को कांग्रेस पर जुबानी हमला किया।
श्रुति चौधरी ने कहा, "विपक्ष खोखली बातें कर रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उनके पास नेतृत्व नहीं बचा है। उन्होंने संविधान से शुरुआत की और हल्ला किया कि संविधान बदल रहे हैं। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने भी संविधान की कॉपी को लेकर ड्रामा किया। ऐसे में कांग्रेस पार्टी अपरिपक्व तरीके की बातें कर रही है। उन्होंने बिना किसी तथ्य के पूरा एक साल निकाल दिया।"
उन्होंने कहा, "कोई जमीन पर उतरकर किसी से भी पूछ ले, चाहे शहरी हो या फिर ग्रामीण क्षेत्रों, कि क्या वोट चोरी मुद्दा है? वहीं पर लोगों को जवाब मिल जाएगा। आम आदमी को इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस विषय पर विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव तक लाया गया। जब इस विषय पर जवाब देना शुरू किया गया, तो विपक्ष हल्ला करने लगता है। ऐसा देखकर बहुत दुख होता है क्योंकि विधानसभा एक बहुत ही पवित्र जगह है। विधानसभा की कार्यवाही को पूरा प्रदेश और देश देखता है। इसके बावजूद विपक्ष की तरफ से इस तरह का व्यवहार करना बहुत ही दुख की बात है। यह परिपक्व नेतृत्व की निशानी नहीं है।"
चौधरी ने कहा, "जहां तक मनरेगा की बात है, यह योजना बहुत ही लंबे समय तक चली है। जब कोई योजना लंबे समय तक चलती है तो उसमें कुछ कमियां दिखती हैं। ऐसे में सरकार का काम उन कमियों को दूर करना और योजना को बेहतर बनाना होता है। सरकार का काम पुरानी योजना के रूपरेखा को ऐसा बनाना है जिसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। यही कार्य इस योजना के साथ भी हुआ है। जो कमियां आई हैं, उन्हें दूर किया गया और चीजों को पहले से बेहतर किया गया है। जहां पर रोजगार की गारंटी 100 दिन की थी, उसे 125 दिन किया गया।"
उन्होंने कहा, "वहीं जहां तक नाम का सवाल है, वे किस नाम पर आपत्ति जता रहे हैं? सरकार ने ऐसा क्या नाम कर दिया है कि विपक्ष को बिल्कुल सहन नहीं हो रहा है? विपक्ष क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है? विपक्ष का भगवान ही मालिक है।"