सोना-चांदी बाजार में हाहाकार – कीमतें 2% से ज्यादा लुढ़कीं

सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स के लगातार 100 के ऊपर रहने और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी को आशंका को माना जा रहा है;

Update: 2026-06-23 05:27 GMT

निवेशकों में घबराहट – रोजगार आंकड़ों पर टिकी उम्मीदें

  • चांदी में बड़ी गिरावट – 2.8% टूटकर 2,27,000 के नीचे
  • डॉलर का दबदबा – सोना-चांदी बाजार में हाहाकार
  • ब्याज दरों की आशंका से बाजार हिला – फेड की सख्ती का असर सोने-चांदी पर
  • निवेशकों की नजर अमेरिकी आंकड़ों पर – रोजगार और बेरोजगारी रिपोर्ट से तय होगा रुख

मुंबई। सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स के लगातार 100 के ऊपर रहने और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी को आशंका को माना जा रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,48,188 रुपए के मुकाबले 1,412 रुपए या 0.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,46,776 रुपए पर खुला।

सुबह 9:43 पर यह 1,191 रुपए या 0.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,46,927 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,46,528 रुपए का उच्चतम स्तर और 1,47,090 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है।

सोने के साथ चांदी में अधिक कमजोरी देखी गई। चांदी का 03 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,34,310 रुपए के मुकाबले 6,634 रुपए या 2.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,27,676 रुपए पर खुला।

वर्तमान में यह 6,027 रुपए या 2.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,28,283 रुपए पर खुला।

अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,27,125 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,28,800 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।

जानकारों के मुताबिक, सोने में कमजोरी की वजह डॉलर इंडेक्स का 100 के ऊपर बने रहना है, जो कि आज 100.795 पर था। यह बीते एक साल में डॉलर इडेक्स का उच्चतम स्तर है।

डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।

इसमें बढ़ोतरी की वजह अमेरिकी फेड की ओर से इस साल महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दर बढ़ाए जाने की आशंका है।

इसके अलावा, जानकारों ने आगे कहा कि अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है, क्योंकि ये सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला अगला बड़ा कारक साबित हो सकते हैं।

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