शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स ने लगाई 900 अंकों की छलांग, निफ्टी भी 23,900 के ऊपर

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि दोनों देश एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गए हैं।;

Update: 2026-05-25 06:12 GMT

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मजबूत बढ़त के साथ शुरुआत की। सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेज खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 919 अंकों की छलांग लगाकर 76,334 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी महत्वपूर्ण 23,900 अंक के स्तर को पार करने में सफल रहा। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से बढ़ा भरोसा

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि दोनों देश एक बड़े समझौते के करीब पहुंच गए हैं। इस संभावित समझौते से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा पूरी तरह खुलने की उम्मीद बढ़ी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा केंद्र माना जाता है। लंबे समय से जारी तनाव के कारण दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई थी।

अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से वैश्विक निवेशकों का भरोसा लौटा है। अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए, जबकि यूरोपीय और एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल दिखाई दिया। इसी सकारात्मक माहौल का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

कच्चे तेल में गिरावट से मिली राहत

शेयर बाजार की मजबूती के पीछे दूसरा बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। होर्मुज मार्ग के सामान्य होने की उम्मीद के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब पांच प्रतिशत तक टूटकर 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में कमी देश की अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आती है। सस्ता कच्चा तेल परिवहन लागत कम करने के साथ-साथ महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो इसका फायदा उद्योगों, परिवहन क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। यही वजह है कि निवेशकों ने बाजार में जमकर खरीदारी की।

रुपये में भी दिखी मजबूती

वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों के भरोसे का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दिया। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 35 पैसे मजबूत होकर 95.35 के स्तर पर खुला। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मजबूती को भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। मजबूत रुपया आयात लागत को कम करने में मदद करता है, जिससे अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त सहारा मिलता है।

बैंकिंग और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी

बाजार की तेजी के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मजबूत उछाल दर्ज किया गया। निफ्टी पर आयशर मोटर्स, श्रीराम फाइनेंस, महिंद्रा समूह, अडानी एंटरप्राइजेज और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों ने अधिक रुचि दिखाई। इन सेक्टरों को आर्थिक गतिविधियों में सुधार से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

कुछ शेयरों में मुनाफावसूली भी

हालांकि बाजार की व्यापक तेजी के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों पर दबाव भी देखने को मिला। हिंडाल्को, सन फार्मा, टीसीएस और ओएनजीसी जैसे शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की। विश्लेषकों के अनुसार पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में इन शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी, जिसके बाद निवेशकों ने लाभ बुक करना उचित समझा।

तिमाही नतीजों पर टिकी बाजार की नजर

सोमवार के कारोबार में निवेशकों की नजर कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों पर भी बनी हुई है। सुजलॉन एनर्जी, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) और एनबीसीसी समेत कई कंपनियां अपने वित्तीय परिणाम जारी करने वाली हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Tags:    

Similar News