नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है। देश में प्रीमियम या ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 20 मार्च से लागू हो गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि सामान्य (रेगुलर) पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किन ईंधनों के दाम बढ़े?
रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ोतरी मुख्य रूप से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के ब्रांडेड ईंधनों पर लागू की गई है। इसमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) का पावर पेट्रोल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का XP95 जैसे प्रीमियम ग्रेड शामिल हैं। ये ईंधन उच्च ऑक्टेन रेटिंग के कारण बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, स्मूद ड्राइविंग और अपेक्षाकृत बेहतर माइलेज देने के लिए जाने जाते हैं। आमतौर पर इनका इस्तेमाल हाई-एंड या परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड वाहनों में किया जाता है।
बड़े शहरों में नई कीमतें
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में प्रीमियम पेट्रोल के दाम इस प्रकार हो गए हैं:
नई दिल्ली: लगभग 107 रुपये से बढ़कर 112.30 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: 115 रुपये से बढ़कर 120.30 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: 112 रुपये से बढ़कर 117.30 रुपये प्रति लीटर
यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर उन उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी जो नियमित रूप से प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग करते हैं।
सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रमुख शहरों में इनके दाम इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली: पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर
डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल: ₹103.50 प्रति लीटर
डीजल: ₹90.03 प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल: ₹100.80 प्रति लीटर
डीजल: ₹92.39 प्रति लीटर
इससे रोजमर्रा के उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर तत्काल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।
क्यों बढ़े दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक इलाकों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का तनाव आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर रिफाइंड ईंधनों पर पड़ता है, खासकर प्रीमियम ग्रेड पर, जिनकी लागत पहले से ही अधिक होती है। यही वजह है कि तेल कंपनियों ने सबसे पहले प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं, जबकि सामान्य ईंधनों को फिलहाल स्थिर रखा गया है।
उपभोक्ताओं पर असर
प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग करने वाले वाहन मालिकों के लिए यह बढ़ोतरी खर्च बढ़ाने वाली साबित होगी। हालांकि, चूंकि यह ईंधन आमतौर पर सीमित वर्ग द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए व्यापक स्तर पर इसका असर सीमित माना जा रहा है। फिर भी, यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर है। फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।