डॉलर की मजबूती से सोना-चांदी धड़ाम, बाजार में हड़कंप
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह डॉलर में मजबूती होना था;
एमसीएक्स पर सोना टूटा, चांदी भी फिसली
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी कमजोर, निवेशकों में चिंता
- डॉलर इंडेक्स 12 महीने के उच्चतम स्तर पर, कीमती धातुओं पर दबाव
- ईरान-अमेरिका तनाव और ब्याज दरों की आशंका से सोना-चांदी धड़ाम
मुंबई। सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह डॉलर में मजबूती होना था।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,46,529 रुपए के मुकाबले 1,528 रुपए या 1.04 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,45,000 रुपए पर खुला।
सुबह 9:48 पर यह 2,279 रुपए या 1.56 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,44,250 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने का न्यूनतम स्तर 1,44,250 रुपए और उच्चतम स्तर 1,45,000 रुपए है।
चांदी में भी कमजोरी देखी जा रही है।
चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,25,834 रुपए के मुकाबले 3,255 रुपए या 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,579 रुपए पर खुला।
खबर लिखे जाने तक यह 3,803 रुपए या 1.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,22,031 रुपए पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक सोना 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,077.70 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.69 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61.02 डॉलर प्रति औंस पर था।
सोने में गिरावट की वजह डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर की स्थिति दर्शाने वाले सूचकांक डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.265 के स्तर पर पहुंच गया है। यह बीते करीब 12 महीनों में डॉलर इंडेक्स का सबसे उच्चतम स्तर है।
डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है।
इसके अतिरिक्त, ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पूरी दुनिया में आपूर्ति श्रृंख्लाएं प्रभावित होने के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे विश्व के ज्यादा केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं और हाल ही अमेरिकी फेड के प्रमुख केविन वॉर्श ने 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया है।
इसके कारण भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिल रहा है।