बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शन किया
भाजपा द्वारा शहर पुलिस मुख्यालय के लिए औपचारिक तौर पर जुलूस निकालने से पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गुरुवार को निजी बस से लालबाजार के पास पहुंचकर पुलिस को चौंका दिया
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा) द्वारा शहर पुलिस मुख्यालय के लिए औपचारिक तौर पर जुलूस निकालने से पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गुरुवार को निजी बस से लालबाजार के पास पहुंचकर पुलिस को चौंका दिया। भाजपा के करीब 20 कार्यकर्ता नादिया जिले के हरिंगघटा से एक निजी बस से बिपिन बिहारी गांगुली सड़क पार कर शहर के पुलिस मुख्यालय लाल बाजार पहुंच गए।
हालांकि, वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें तुरंत रोका और हिरासत में ले लिया।मध्य कोलकाता में स्थित लाल बाजार सुबह से ही एक किले में तब्दील हो गया। भाजपा की रैली को रोकने के लिए फेअर्स लेन, टी बोर्ड ऑफ इंडिया कार्यालय व बेंटिंक स्ट्रीट के जोड़ने वाले तीन प्रमुख रास्तों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बैरिकेड्स, गार्ड रेल व करीब 200 सशस्त्र कर्मियों सहित प्रतिरोधी बलों, रैपिड एक्शन फोर्स और कमांडों को तैनात किया गया था।यह विरोध वामपंथी किसान यूनियन के 'नभाना (राज्य सचिवालय) मार्च' के तीन दिन बाद हो रहा है। वामपंथी मार्च में करीब 200 लोग घायल हो गए थे। इससे पुलिस अब चौकन्नी हो गई है।
करीब 20,000 कार्यकर्ताओं की एक बड़ी रैली की हावड़ा स्टेशन से अगुवाई करते हुए भाजपा राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा कहीं भी रोका गया तो वह वहीं धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
घोष ने कहा कि हमारा मकसद लालबजार पहुंचना है। यदि पुलिस हमें कहीं रोकती है तो हम वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। पुलिस अपना काम करेगी और हमारे पार्टी कार्यकर्ता अपना काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम प्रशासन को बताना चाहते हैं कि उनकी क्रूरता, यातना और धमकी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।राज्य में कानून व व्यवस्था के हालात व पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मामले दायर करने व दूसरे मुद्दे को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।