भाजपा त्रिपुरा के अल्पसंख्यक क्षेत्रों में साम्प्रदायिक तनाव फैला रही है : माकपा

माकपा ने त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा पर चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से राज्य के अल्पसंख्यक और आदिवासी बहुल इलाकों में साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है

Update: 2019-05-28 00:40 GMT

अगरतला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से राज्य के अल्पसंख्यक और आदिवासी बहुल इलाकों में साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है जिससे हालात बिगड़ रहे हैं। 

माकपा नेता एवं पूर्व सांसद जितेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाया, “ भाजपा शरारती तत्वों को पनाह दे रही है जो धर्म के नाम पर अल्पसंख्यक एवं अशांत क्षेत्रों में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी राजनीतिक संस्कृति राज्य में पहले कभी नहीं देखी गयी लेकिन सत्तारूढ़ दल ने इसे अपनाया है।” 

उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) और भाजपा के बीच अंतर्कलह ने भी राज्य के आदिवासी बहुल इलाके में जातीय तनाव का रूप ले लिया है। 

अल्पसंख्यक बहुल इलाकों बिशालगढ़, उदयपुर, सोनमपुरा, जिरानिया तथा अगरतला के सीमावर्ती क्षेत्र और कुछ उपनगरीय इलाकोें में अंतर-साम्प्रदायिक तनाव के गंभीर खतरे हैं। 

श्री चौधरी ने आरोप लगाया, “सभी असामाजिक तत्व स्थानीय नेताओं केे माध्यम से भाजपा में शामिल हो गये और मोटी रकम लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर हिंसा कर रहे हैं जो अब भाजपा और मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव के नियंत्रण से बाहर हैं। वाम दल के शासन काल के दौरान अपराधी सक्रिय नहीं थे क्योंकि पार्टी ने कभी भी उसे इसका मौका नहीं दिया लेकिन भाजपा की सत्ता आने के बाद स्थिति इसके विपरीत हो गयी।”

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