बिहार में मंत्री दर्जे वाले आयोग-बोर्ड के अध्यक्षों के वेतन-भत्ते बढ़े, कैबिनेट ने दी मंजूरी
बिहार सरकार ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित आयोग, बोर्ड, निगम, परिषद और समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों को मिलने वाले वेतन और भत्तों में बड़ा इजाफा किया है, जिन्हें मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री की सुविधा अनुमन्य है।;
पटना। बिहार सरकार ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित आयोग, बोर्ड, निगम, परिषद और समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों को मिलने वाले वेतन और भत्तों में बड़ा इजाफा किया है, जिन्हें मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री की सुविधा अनुमन्य है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के मासिक वेतन में वृद्धि की गई है जिनका वेतन 25 हजार रुपए प्रतिमाह है। अब उन्हें 25 हजार रुपए प्रतिमाह के स्थान पर 65 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
इसी तरह दैनिक भत्ते में भी वृद्धि की गई है। पहले मिलने वाले एक हजार रुपए प्रतिदिन के स्थान पर अब 3,500 रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने आतिथ्य भत्ते में भी संशोधन किया है। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक मंत्री स्तर के लोगों का आतिथ्य भत्ता 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी तरह राज्य मंत्री स्तर के आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का आतिथ्य भत्ता 17,500 रुपये से बढ़ाकर 29,500 रुपए और उप मंत्री स्तर के लोगों का आतिथ्य भत्ता 17 हजार रुपए से बढ़ाकर 29 हजार रुपए प्रतिमाह किया गया है।
सरकार के इस फैसले से उन आयोगों, बोर्डों, निगमों, परिषदों और समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को लाभ मिलेगा, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री के समकक्ष सुविधाएं अनुमन्य हैं। कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी प्रेस-नोट में कहा गया है कि विभिन्न विभागों के अंतर्गत गठित इन संस्थाओं के पदाधिकारियों के वेतन, दैनिक भत्ता और आतिथ्य भत्ता में संशोधन के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की है। कैबिनेट के इस निर्णय को विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों में मंत्री स्तर की सुविधा प्राप्त पदाधिकारियों के वित्तीय लाभ से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
इधर, केंद्र प्रायोजित पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को सहायता योजना (एएसयूएमपी) अन्तर्गत भीड़ नियंत्रण और प्रबंधन , नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य अभियानों को ध्यान में रखते हुए कुल 50 ड्रोन के क्रय के लिए कुल लागत राशि 24.50 करोड़ रुपए मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दे गयी है। प्रस्तावित ड्रोन के क्रय का उद्देश्य विभिन्न पुलिस अभियानों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा और निगरानी को बढ़ाना, आपदा प्रबंधन में सहायता करना और अपराध नियंत्रण में वृद्धि करना है।