पटना विशेष अदालत का बड़ा फैसला: 20 साल की कठोर कैद
बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने एक किशोर बालक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के जुर्म में शनिवार को एक व्यक्ति को 20 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ पचास हजार रूपए का जुर्माना भी किया
पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को मिली सजा और जुर्माना
- रानी तालाब थाना क्षेत्र निवासी बौला साव दोषी करार
- पीड़ित किशोर को मिलेगा 2.5 लाख का मुआवजा
- विशेष लोक अभियोजक ने बताया, आठ गवाहों से साबित हुआ अपराध
पटना। बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने एक किशोर बालक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के जुर्म में शनिवार को एक व्यक्ति को 20 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ पचास हजार रूपए का जुर्माना भी किया।
दुष्कर्म एवं बालकों का लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनकर कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के रानी तालाब थाना क्षेत्र निवासी बौला साव उर्फ मृत्युंजय कुमार को एक किशोर बालक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी । इसके अलावा अदालत ने पीड़ित को दो लाख पचास हजार रूपए का मुआवजा दिए जाने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है।
मामले के विशेष लोक अभियोजक नवल किशोर प्रसाद ने बताया कि पटना के रानी तलब थाना क्षेत्र में दोषी ने वर्ष 2023 में एक किशोर बालक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया था।अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में आठ गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।