पटना: Patna Firing Case: पटना जिला जज की अदालत ने खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। 2 जून को उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुई कथित गोलीबारी के मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
बचाव पक्ष ने कहा- गलत तरीके से बनाया गया आरोपी
सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि फैजल खान का इस मामले में कोई प्रत्यक्ष आपराधिक कृत्य सामने नहीं आया है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। वहीं, पुलिस ने जांच की प्रगति और दर्ज एफआईआर से संबंधित जानकारी अदालत के समक्ष रखी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के पास 2 जून की रात हुई फायरिंग से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आए वीडियो के आधार पर कदमकुआं थाना में कांड संख्या 418/2026 दर्ज की गई। इस मामले में फैजल खान के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्मी प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पहले विरोधियों पर लगाया था आरोप
घटना के तुरंत बाद फैजल खान ने दावा किया था कि उनके विरोधियों ने फायरिंग की थी। हालांकि, अगले दिन एक और वीडियो सामने आया, जिसमें उनके दोनों सुरक्षाकर्मी गोली चलाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए खान सर को भी मामले में आरोपी बनाया और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की।
सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित
फायरिंग मामले में गिरफ्तार किए गए खान सर के दोनों सुरक्षाकर्मियों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में अभी फैसला आना बाकी है।
रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई
खान ग्लोबल स्टडीज के कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में आरोपित ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने इस मामले में भी आदेश सुरक्षित रखा है।
पुलिस की छापेमारी के बीच दाखिल की थी याचिका
विवाद के बाद से फैजल खान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए पटना और आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी कर रही थी। पटना के एसएसपी कार्तिक शर्मा ने भी इसकी पुष्टि की थी। फैजल खान ने 6 जून को पटना व्यवहार न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 8 जून को याचिका पंजीकृत हुई और 9 जून को हुई सुनवाई में अदालत से उन्हें अंतरिम राहत मिल गई। फिलहाल, अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी।