पटना। Patna cyber fraud: बिहार की राजधानी पटना में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जालसाजों ने एक डॉक्टर की बेटी को कथित तौर पर उद्योगपति के बेटे और अरबपति कारोबारी एलन मस्क का करीबी बताकर अपने जाल में फंसाया और करीब 80 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता से लंबे समय तक टेलीग्राम के जरिए बातचीत कर उसका भरोसा जीता गया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उससे लगातार पैसे ट्रांसफर कराए जाते रहे। मामले की जानकारी सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है, जिनमें रकम भेजी गई थी। इसके साथ ही ठगी में इस्तेमाल की गई टेलीग्राम आईडी और अन्य डिजिटल माध्यमों की भी पड़ताल की जा रही है।
टेलीग्राम पर दो आईडी से साधा संपर्क
जानकारी के मुताबिक, पटना में रहने वाली डॉक्टर की बेटी से साइबर ठगों ने टेलीग्राम की दो अलग-अलग आईडी के जरिए संपर्क किया। आरोपितों ने अपनी पहचान उद्योगपति के बेटे कविन भारती और अरबपति एलन मस्क के करीबी के तौर पर बताई। बातचीत का सिलसिला काफी समय तक चलता रहा और धीरे-धीरे आरोपितों ने युवती का विश्वास हासिल कर लिया। भरोसा कायम होने के बाद जालसाजों ने उसे अलग-अलग तरह के फायदे और अवसरों का लालच देना शुरू किया। कभी उसे नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने की बात कही गई तो कभी बड़ी कंपनियों का शेयरधारक बनाने का दावा किया गया। इस तरह उसे यह विश्वास दिलाया गया कि उसके संपर्क में प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत लोग हैं।
मेडिकल इमरजेंसी का भी बनाया बहाना
जालसाजों ने युवती से पैसे हासिल करने के लिए केवल निवेश या नौकरी का ही सहारा नहीं लिया। एक समय उन्होंने किसी कथित मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देकर भी उससे रकम मांगी। इसके बाद आरोपित ने कथित तौर पर यह कहा कि उसका बैंक खाता फिलहाल फ्रीज हो गया है और स्थिति सामान्य होने पर पीड़िता को पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। इस भरोसे में आकर युवती अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजती रही। पुलिस के अनुसार, ठगी का यह सिलसिला एक-दो दिन नहीं बल्कि लंबे समय तक चलता रहा।
दो साल तक मां के बचत खाते से निकली रकम
पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती करीब दो वर्षों तक अपनी मां के बचत खाते से पैसे निकालकर अपने खाते में मंगाती रही। इसके बाद वह साइबर ठगों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करती थी। इस दौरान उसे यह उम्मीद थी कि आरोपित बाद में पूरा पैसा लौटा देंगे। जालसाज लगातार बातचीत के जरिए उसे भरोसा दिलाते रहे, जिसके कारण वह काफी लंबे समय तक ठगी का शिकार होने के बावजूद वास्तविक स्थिति को समझ नहीं सकी।
बैंक पहुंचने पर खुला 80 लाख की ठगी का राज
मामला तब सामने आया जब महिला डॉक्टर को खुद कुछ पैसों की जरूरत पड़ी। वह अपने बैंक खाते से रकम निकालने के लिए बैंक पहुंचीं। वहां उन्हें पता चला कि खाते से बड़ी राशि पहले ही गायब हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी से खाते से संबंधित लेनदेन के बारे में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पूरी घटना सामने आई और परिवार को पता चला कि लंबे समय से साइबर ठगों के संपर्क में रहकर बड़ी रकम अलग-अलग खातों में भेजी जा रही थी।
बैंक खातों और टेलीग्राम आईडी की जांच
घटना की शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों का विवरण जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। साथ ही टेलीग्राम पर इस्तेमाल की गई दोनों आईडी, बातचीत और डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी के पीछे कौन लोग हैं और बैंक खातों तथा डिजिटल पहचान का इस्तेमाल किस नेटवर्क के जरिए किया गया। मामले में आगे और लोगों के शामिल होने की भी जांच की जा रही है।