पटना में ताबड़तोड़ फायरिंग, पूर्व पार्षद और जनसुराज पार्टी के नेता की हत्या; शरीर में लगी 5 गोलियां

पुलिस के अनुसार, वारदात बुधवार शाम करीब 7:30 बजे की है। अनिल यादव अपने अपार्टमेंट ‘मां सुखिया महल’ की बेसमेंट पार्किंग में बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार तीन नकाबपोश हमलावर परिसर में पहुंचे।;

Update: 2026-09-24 01:28 GMT

पटना : Patna Crime News: बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों ने सरेशाम हत्‍या को अंजाम दिया है। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुई गोलीबारी की घटना में वार्ड नंबर-24 की पार्षद ज्ञानवती देवी के पति और पूर्व पार्षद अनिल किशोर यादव की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अनिल यादव को उनके ही अपार्टमेंट परिसर की पार्किंग में बदमाशों ने निशाना बनाया। उन्हें कई गोलियां लगीं। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अनिल यादव जन सुराज पार्टी से जुड़े हुए थे और वार्ड नंबर-24 के पूर्व पार्षद रह चुके थे। घटना के बाद पुलिस ने मौके से आठ खोखे बरामद किए हैं। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास और अपार्टमेंट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

पार्किंग में बैठे थे अनिल यादव

पुलिस के अनुसार, वारदात बुधवार शाम करीब 7:30 बजे की है। अनिल यादव अपने अपार्टमेंट ‘मां सुखिया महल’ की बेसमेंट पार्किंग में बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार तीन नकाबपोश हमलावर परिसर में पहुंचे। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने अनिल यादव को देखते ही उन पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अनिल यादव को चार से पांच गोलियां लगने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनके दोनों पैरों में भी गोली लगी थी। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में भागे।

घटनास्थल से मिले आठ खोखे

गोलीबारी की सूचना मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान आठ खोखे बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम की मदद से मौके से अन्य साक्ष्य जुटाए जाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि फुटेज से हमलावरों की पहचान और वारदात से पहले तथा बाद की उनकी गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

फायरिंग में घायल अनिल यादव को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई थी। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी के अनुसार, अनिल यादव को कई गोलियां लगी थीं। पुलिस ने घटनास्थल से आठ खोखे बरामद किए हैं और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाने में जुटी है। स्थानीय पुलिस अधिकारी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि अनिल किशोर यादव बेसमेंट में बैठे हुए थे, तभी उन्हें गोली लगी। उनके मुताबिक, पीड़ित को चार से पांच गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है।

रंजिश समेत कई पहलुओं पर जांच

पुलिस शुरुआती जांच में व्यक्तिगत रंजिश समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी हत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि हमलावरों ने अनिल यादव को पहले से निशाना बनाया था या वारदात के पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है।

प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पहुंचे अस्पताल

अनिल यादव की मौत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक नेताओं की अस्पताल में मौजूदगी भी देखी गई। जन सुराज से जुड़े अनिल यादव के परिजनों से मिलने के लिए प्रशांत किशोर अस्पताल पहुंचे। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी अस्पताल पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। अनिल यादव के राजनीतिक जुड़ाव और पूर्व पार्षद के रूप में उनकी भूमिका के कारण घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। हालांकि, हत्या के पीछे राजनीतिक कारण होने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हमलावरों की तलाश में पुलिस

फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले खोखे और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। पटना के रिहायशी इलाके में अपार्टमेंट परिसर के भीतर हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ हत्या के कारण और हमलावरों से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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