पटना हिंसा मामले में खान सर ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज है मामला
इस मामले में पुलिस पहले ही खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर सुरक्षा गार्ड प्रदीप और तालेश्वर से पूछताछ की गई थी।;
पटना। खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक और चर्चित शिक्षक खान सर ने कोचिंग संस्थान में हुई हिंसा और कथित फायरिंग मामले में शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस इस प्रकरण में उनसे पूछताछ के लिए उनकी तलाश कर रही थी। आरोप है कि कोचिंग संस्थान में हुए विवाद के दौरान उनके सुरक्षा कर्मियों द्वारा फायरिंग की गई थी।
पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं दो सुरक्षा गार्ड
इस मामले में पुलिस पहले ही खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर सुरक्षा गार्ड प्रदीप और तालेश्वर से पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों ने घटना के दौरान गोली चलाने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनके हथियार जब्त कर लिए गए और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसी मामले में खान सर को भी नामजद आरोपी बनाया गया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी के लिए कोचिंग संस्थान पहुंची थी पुलिस
शुक्रवार रात पुलिस की एक टीम खान सर की गिरफ्तारी के लिए उनके कोचिंग संस्थान पहुंची थी। हालांकि, उस समय वह वहां मौजूद नहीं मिले। इस दौरान कोचिंग परिसर के बाहर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हो गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और छात्रों को परिसर तथा आसपास के इलाके से हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
2 जून को हुई थी हिंसा और तोड़फोड़ की घटना
पूरा मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में हुई हिंसा से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग संस्थान पर हमला कर वहां तोड़फोड़ की थी। इसी दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा राइफलों से कई राउंड फायरिंग किए जाने का दावा किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। वायरल वीडियो के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की गई।
प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान से जुड़े व्यक्ति की भी गिरफ्तारी
पुलिस जांच में इस विवाद को पटना के कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जांच के बाद पुलिस ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु’ के संचालक रोशन आनंद को मुख्य आरोपियों में शामिल करते हुए गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
एफआईआर के बाद बढ़ी थीं कानूनी मुश्किलें
कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में खान सर का नाम भी शामिल किया गया था। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के अलावा हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना को लेकर चर्चा चल रही थी।
इसी बीच पुलिस ने उनकी कोचिंग के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी और उनकी तलाश जारी रखी हुई थी।
अब अदालत और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर
खान सर के आत्मसमर्पण के बाद अब मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। वहीं, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किस-किस की भूमिका थी।
फिलहाल, यह मामला बिहार में शिक्षा जगत और कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।