बिहार में लोकतंत्र की हत्या, झूठे वादों से सत्ता में आई एनडीए: मुकेश सहनी
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर जनता से झूठे चुनावी वादे करने का गंभीर आरोप लगाया
जनता से किए वादे पूरे करो, वरना सड़क पर उतरेगा विपक्ष: वीआईपी प्रमुख
- माताओं-बहनों को दो लाख देने का वादा निकला झूठा, सहनी का बड़ा आरोप
- नीतीश को भारत रत्न देने की मांग पर उठे सवाल – लोकतंत्र खत्म करने का सम्मान?
- अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर की राह पर चलने का संकल्प, सहनी बोले संविधान बचाना जरूरी
पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी ने रविवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर जनता से झूठे चुनावी वादे करने का गंभीर आरोप लगाया।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने रविवार को कहा, "बिहार चुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई है। राज्य का ही पैसा राज्य के लोगों में बांटकर सरकार बनाई गई है। जनता से झूठा वादा किया गया है। सरकारी खजाने से लोगों को 10,000 रुपए दिए गए। बिहार की माताओं और बहनों से दो लाख देने का झूठा वादा किया गया है। झूठ के दम पर उन्होंने सरकार बना ली है।"
मुकेश सहनी ने चेतावनी देते हुए कहा, "हम लोगों ने सरकार को तीन महीने का समय दिया है कि उन्होंने जनता से जो वादा किया है, वो पूरा करें। अगर सरकार चुनाव के समय किए अपने वादे को पूरा नहीं करती है, तो हम सड़क पर उतरेंगे और प्रदर्शन करेंगे। बिहार के लोगों को आगे आने वाले समय में एक मजबूत विपक्ष देखने को मिलेगा। विपक्ष सरकार को चैन से रहने नहीं देगा। हम हमेशा जनता के हित में लड़ाई लड़ते रहेंगे और हमेशा जनता के बीच में बने रहेंगे।"
सहनी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने की हालिया चर्चा पर कहा, "ठीक है, जिसकी जो इच्छा है, वह बोल रहा है, लेकिन भारत रत्न का सम्मान विचार करके दिया जाता है। साथ ही यह सम्मान मांगने वाला भी विचार करे कि किस काम पर नीतीश को सम्मान देने की मांग की जा रही है? क्या उन्हें लोकतंत्र को खत्म करना शोभा देता है?"
उन्होंने कहा, "हम लोग तो डॉ. भीमराव अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर को मानने वाले लोग हैं। हम हमेशा चाहते हैं कि देश संविधान के अनुकूल चले, जिसमें गरीब, दलित और पिछड़ों को उनका हक-अधिकार मिले। अगर भीमराव के बनाए संविधान को कोई खत्म करने लगे, तो उस पर विचार होना चाहिए। नीतीश कुमार के शुभचिंतक हम भी हैं। अगर कोई उन्हें भारत रत्न देने का विचार कर रहा है, तो हम भी उससे सहमत हैं, लेकिन उन्हें क्यों मिलना चाहिए, इस विषय पर विचार करना चाहिए।"