Lalu Yadav Residence: सरकारी आवास छोड़ने के नोटिस पर राबड़ी देवी का जवाब- 'फोर्स बुला लो, खाली नहीं करेंगे'

राज्य सरकार की ओर से उन्हें पटना के वीआईपी इलाके स्थित 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह वही आवास है जहां लालू प्रसाद यादव का परिवार लंबे समय से रह रहा है और जो आरजेडी की राजनीतिक गतिविधियों का एक अहम केंद्र माना जाता रहा है।;

Update: 2026-05-30 10:31 GMT

पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी आवास को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार की ओर से उन्हें पटना के वीआईपी इलाके स्थित 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह वही आवास है जहां लालू प्रसाद यादव का परिवार लंबे समय से रह रहा है और जो आरजेडी की राजनीतिक गतिविधियों का एक अहम केंद्र माना जाता रहा है। सरकारी आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सत्ता तथा विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

राबड़ी देवी की तीखी प्रतिक्रिया

शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान राबड़ी देवी ने सरकार के नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो बलपूर्वक भी आवास खाली करा सकती है, लेकिन वे स्वयं इसे खाली नहीं करेंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। उनकी टिप्पणी को विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रतिरोध के रूप में देखा, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं है।

भवन निर्माण विभाग का स्पष्टीकरण

भवन निर्माण विभाग की ओर से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि 25 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत राबड़ी देवी, जो नेता प्रतिपक्ष हैं, को हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या-39 पहले ही आवंटित किया जा चुका है। विभाग के अनुसार, नए आवास की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उन्होंने अब तक 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली नहीं किया है। विभाग का कहना है कि नियमों के अनुसार जब नया सरकारी आवास आवंटित हो जाता है, तो पुराने आवास को खाली करना आवश्यक होता है।

मंत्री नंदकिशोर राम को आवास आवंटित

इसी विवाद के बीच विभागीय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 27 मई 2026 के आदेश के अनुसार 10 सर्कुलर रोड बंगला अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। वे डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरकारी प्रक्रिया के तहत अब यह जरूरी हो गया है कि पुराने आवास को जल्द से जल्द खाली कराया जाए ताकि नए आवंटन को प्रभावी किया जा सके। संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

राजनीतिक केंद्र रहा है 10 सर्कुलर रोड बंगला

10 सर्कुलर रोड का यह बंगला केवल एक सरकारी आवास नहीं रहा, बल्कि बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी रहा है। लंबे समय तक यह आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार का निवास रहा है। इसी स्थान से पार्टी के कई बड़े फैसले, रणनीतिक बैठकें और राजनीतिक चर्चाएं संचालित होती रही हैं। इसे आरजेडी की राजनीतिक पहचान और शक्ति केंद्र के रूप में भी देखा जाता रहा है। यही कारण है कि इस आवास को खाली कराने के आदेश को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष और सरकार की प्रतिक्रिया

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए नियम सभी जनप्रतिनिधियों पर समान रूप से लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इन नियमों का पालन करना चाहिए और इसमें किसी तरह की छूट या अपवाद नहीं हो सकता। उनके इस बयान को सरकार के रुख के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

आरजेडी का आरोप

वहीं आरजेडी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सरकार पर किस तरह का राजनीतिक प्रभाव है और निर्णय लेने में पक्षपात हो रहा है। आरजेडी नेताओं का कहना है कि यह केवल आवास का मामला नहीं है, बल्कि राजनीतिक सम्मान और परंपरा से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।

रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया

इससे पहले राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इसी तरह के नोटिस पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि सरकार की प्राथमिकता उनके परिवार को अपमानित करना प्रतीत होती है। उन्होंने यह भी कहा था कि भले ही घर से निकाला जा सकता है, लेकिन जनता के दिलों से निकालना आसान नहीं है।

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