जदयू में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को भव‍िष्‍य में मिलेगी पार्टी की कमान की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।;

Update: 2026-06-22 07:33 GMT

पटना: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की रविवार को हुई राष्ट्रीय और राज्य परिषद की संयुक्त बैठकों में पार्टी के भविष्य को लेकर एक बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया गया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को आगे चलकर संगठन की कमान सौंपी जाएगी। इस निर्णय की औपचारिक घोषणा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने दोनों बैठकों के दौरान की। बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया और इसे पार्टी के दीर्घकालिक नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

वरिष्ठ नेताओं ने जताया भरोसा

बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, प्रदेश जदयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, जदयू विधायक दल के नेता एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा मंत्री अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में निशांत कुमार को पार्टी का भविष्य बताया। संजय झा ने कहा कि निशांत कुमार पार्टी का नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी भूमिका के माध्यम से पहले ही अपनी कार्यकुशलता साबित कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि निशांत आने वाले 30 से 40 वर्षों तक पार्टी का नेतृत्व करेंगे और नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

संगठन में बढ़ती सदस्यता पर जोर

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जदयू की सदस्यता अब एक करोड़ से अधिक हो चुकी है। नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। संजय झा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन विस्तार और मजबूती के लिए सक्रिय रूप से काम करें। बैठक के दौरान जब निशांत कुमार के नाम को लेकर चर्चा हुई, तो उपस्थित प्रतिनिधियों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया।

निशांत कुमार का बयान

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। निशांत ने बताया कि वह जल्द ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्टी की सदस्यता अभियान की सफलता यह दर्शाती है कि जनता जदयू की नीतियों और कार्यशैली पर भरोसा करती है। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित सामाजिक व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बताया।

नीतीश कुमार ने सरकार के विकास एजेंडे को सराहा

राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्य में चल रही एनडीए सरकार की सराहना की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रही सरकार के कार्यों को सकारात्मक बताया। नीतीश कुमार ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में विकसित बिहार का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार एक करोड़ लोगों को रोजगार और नौकरी देने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम को बिहार के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।

संगठन और केंद्र सरकार की भूमिका पर बयान

नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने केंद्र की योजनाओं और सहयोग की सराहना की। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलते रहेंगे और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देंगे।

पार्टी संविधान में बदलाव के लिए नीतीश अधिकृत

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत जदयू के संविधान में बदलाव करने का अधिकार भी नीतीश कुमार को सौंप दिया गया। राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। इसके अलावा पार्टी की चल और अचल संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक ट्रस्ट गठित करने का भी निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी भी नीतीश कुमार को दी गई है।

संगठनात्मक सुधार और डिजिटल विस्तार पर जोर

बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें कार्यकर्ताओं के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अनिवार्य बनाने और जिला स्तर पर सोशल मीडिया सेल को अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया गया। नेताओं का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग से पार्टी की पहुंच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी।

आने वाले समय में जदयू की रणनीति

बैठक के अंत में नेताओं ने स्पष्ट किया कि जदयू आने वाले समय में संगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देगा। निशांत कुमार के नेतृत्व को पार्टी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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