पटना में किशोरी से दो दिनों तक दरिंदगी, तबीयत बिगड़ने पर पीड़िता को छोड़ा
पीड़िता आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से अपने पैतृक गांव मोतिहारी (बिहार) जाने के लिए ट्रेन से निकली थी। वह 1 मई की शाम करीब तीन बजे पटना जंक्शन पहुंची। स्टेशन पर ही उसकी परेशानी शुरू हो गई जब किसी ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया।;
पटना : बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को मदद का झांसा देकर दो दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ गंभीर अपराध किया गया। यह घटना न केवल शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह अपराधी मासूम लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी फरार है।
यात्रा के दौरान शुरू हुई परेशानी
पीड़िता आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से अपने पैतृक गांव मोतिहारी (बिहार) जाने के लिए ट्रेन से निकली थी। वह 1 मई की शाम करीब तीन बजे पटना जंक्शन पहुंची। यहां से उसे आगे की यात्रा करनी थी, लेकिन स्टेशन पर ही उसकी परेशानी शुरू हो गई जब किसी ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी होने के बाद वह घबरा गई और स्टेशन पर ही बैठकर रोने लगी। इसी दौरान एक युवक उसके पास पहुंचा और उसे मदद का भरोसा दिलाया।
मदद के बहाने जाल में फंसाया
आरोपी युवक ने लड़की को विश्वास में लेते हुए कहा कि वह उसकी शिकायत दर्ज कराने में मदद करेगा। इसी बहाने वह उसे पटना जंक्शन से ऑटो में बैठाकर गांधी मैदान ले गया। वहां कुछ समय बिताने के बाद उसने अपने एक साथी को बुलाया, जो सफेद रंग की कार लेकर पहुंचा। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर लड़की को अपने नियंत्रण में ले लिया और उसके साथ गलत हरकत की। विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
दो दिनों तक रखा अपने कब्जे में
आरोपियों ने पीड़िता को पूरी रात अपने कब्जे में रखा। अगले दिन भी उसे डरा-धमकाकर शहर में इधर-उधर घुमाया गया। उसे बाहर किसी से संपर्क करने या मदद मांगने का मौका नहीं दिया गया। दूसरे दिन शाम के समय आरोपियों ने उसे बेउर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान में ले जाकर फिर से उसके साथ अपराध किया। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति भी उनके साथ शामिल हो गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
हालत बिगड़ने पर स्टेशन के पास छोड़ा
लगातार उत्पीड़न और मानसिक दबाव के कारण पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति बिगड़ती देख आरोपियों ने उसे दानापुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए। पीड़िता किसी तरह स्टेशन तक पहुंची और मदद की कोशिश की। कुछ देर बाद वही आरोपी फिर वहां पहुंच गया, जिसने शुरुआत में उसे मदद का झांसा दिया था। वह उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा।
सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
पीड़िता के विरोध करने पर आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ। लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस तत्परता के कारण मामले में तेजी से कार्रवाई संभव हो सकी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
दानापुर रेल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
पीड़िता का अस्पताल में इलाज जारी
घटना के बाद पीड़िता को पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। साथ ही उसे मानसिक रूप से भी सहयोग देने की व्यवस्था की जा रही है।