भगवंत मान ने किसानों के आंदोलन काे नाकाम करने के लिए दलाल की भूमिका निभाई
शिरोमणी अकाली दल (शिअद ) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के किसानों की मशीनरी को पंजाब-हरियाणा सीमा तक पहुंचने से रोकने के निर्देश जारी करके किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन काे नाकाम करने के लिए एक दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया है
चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद ) ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब के किसानों की मशीनरी को पंजाब-हरियाणा सीमा तक पहुंचने से रोकने के निर्देश जारी करके किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन काे नाकाम करने के लिए एक दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया है।
वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने यहां एक प्रेस बयान में कहा,‘‘मुख्यमंत्री पहले तो हरियाणा पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहे, जिसने पंजाब क्षेत्र में किसानों पर अश्रू गैस, पैलेट गन और रबड़ की गोलियों से हमला किया । अब उन्होने गृह मंत्री के रूप में किसानों की मशीनरी को पंजाब-हरियाणा सीमा तक पहुंचने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए हैं और सड़क बंद करके इस निर्देश को लागू करने के लिए पुलिस फोर्स तैनात की है।’’
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से मुख्यमंत्री का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है, जिसने किसानों की वकालत करने का दिखावा करके उन्हे गुमराह करने की कोशिश की थी। उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि भगवंत मान इस जरूरत की घड़ी में पंजाब के किसानों का समर्थन करने में विफल रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘मुख्यमंत्री को उन किसानों को नाकाम करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए, जिन्होेने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हे वोट दिया था।’’ उन्होंने कहा कि मान ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक के दौरान वकील की भूमिका निभाने की कोशिश करते हुए किसानों को गुमराह किया था। उन्होने कहा,‘‘श्री मान ने बैठक में किसानों के समर्थन में रूख अपनाने से इंकार कर दिया, जिसके कारण बातचीत विफल हो गई है।’’
श्री मजीठिया ने कहा कि कैसे मुख्यमंत्री पंजाब में किसानों पर हमला करने वाले हरियाणा के पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज करने में विफल रहे और किसान संघर्ष में शहीद और घायलों को कोई मुआवजा भी नही दिया गया है।