गुवाहाटी: असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली क्षेत्रीय बैठक से पहले रविवार को संगठन के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई लोगों को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे असम सचिवालय के पास प्रस्तावित बैठक में शामिल होने जा रहे थे। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने बैठक स्थल तक जाने वाले रास्ते को पहले ही रोक दिया था। CJP के मुताबिक, इस बैठक में करीब 200 से 300 कार्यकर्ताओं के शामिल होने की तैयारी थी। संगठन का कहना है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य असम में स्वयंसेवकों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना था।
बैठक स्थल तक पहुंचने का रास्ता रोके जाने का आरोप
CJP के अनुसार, पुलिस ने रविवार सुबह से ही प्रस्तावित बैठक स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद वहां पहुंचने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। संगठन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि कार्यकर्ता किसी तरह का हिंसक प्रदर्शन नहीं कर रहे थे और बैठक निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोजित की जानी थी। CJP का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने नेताओं और समर्थकों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने नहीं दिया। हिरासत में लिए गए लोगों को पहले गुवाहाटी की एक पुलिस सुविधा में ले जाया गया। बाद में उन्हें काहिलीपारा जेल ले जाने की जानकारी CJP की ओर से साझा की गई।
हिमंता मामा डर गए है कि ज्ञानेश की आड़ में कहीं असम चुनाव में हुई धांधली ना पता पड़ जाये।
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 27, 2026
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किस तरह से SR के नाम पर असम के नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाया गया।
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आशुतोष रांका समेत कई नेता हिरासत में
CJP के मुताबिक, पुलिस ने आशुतोष रांका के अलावा अंकित भारद्वाज और प्रेम आकाश समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। संगठन का दावा है कि रांका के साथ 10 से अधिक समर्थकों को भी पकड़ा गया। CJP ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण बैठक के लिए जुट रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की गई। हालांकि, हिरासत की वजह और पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
‘वकीलों को भी मिलने नहीं दिया जा रहा’
CJP नेता अभिजीत दीपके ने हिरासत को लेकर पुलिस पर एक और आरोप लगाया। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आशुतोष रांका को जिस स्थान पर रखा गया है, वहां उनके वकील पहुंच चुके हैं। दीपके का दावा है कि वकील मौके पर मौजूद होने के बावजूद पुलिस उन्हें रांका से मिलने की अनुमति नहीं दे रही है। यह आरोप भी CJP की ओर से सामने आया है और इस संबंध में पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
बैठक में बाढ़ के मुद्दे पर होनी थी चर्चा
CJP ने बताया कि क्षेत्रीय बैठक का उद्देश्य केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं था। संगठन के अनुसार, बैठक में असम में आई बाढ़ और उसके बाद की स्थिति पर भी चर्चा होनी थी। इसके अलावा राज्य में CJP के संगठनात्मक विस्तार और आने वाले समय में स्वयंसेवकों की गतिविधियों को बढ़ाने की योजना पर भी विचार किया जाना था। संगठन का कहना है कि इसी उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को गुवाहाटी बुलाया गया था।
स्कूल और जमीन-जंगल-पानी के मुद्दे भी उठाए
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। CJP के मुताबिक, उन्होंने राज्य के स्कूलों तथा जमीन, जंगल और पानी से जुड़े मामलों को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर आरोप लगाए। CJP नेता अभिजीत दीपके ने भी कहा कि संगठन असम के स्थानीय और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को अपनी गतिविधियों में प्रमुखता देना चाहता है। हालांकि, मुख्यमंत्री या असम सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहली क्षेत्रीय बैठक पर पड़ा असर
CJP की यह असम में पहली क्षेत्रीय बैठक बताई जा रही थी। संगठन की योजना बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को एकत्र कर राज्य में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की थी। लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत के कारण कार्यक्रम प्रभावित हो गया। फिलहाल पूरे मामले में CJP की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बीच स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर आगे की जानकारी पुलिस की ओर से सामने आने की उम्मीद है।