ललित सुरजन की कलम से रॉबर्ट वाड्रा का तो बहाना है
राबर्ट वाड्रा के बहाने सोनिया गांधी पर हमला करने से उन्हें मीडिया में प्रचार और सस्ती लोकप्रियता मिल सकती है।;
अरविंद केजरीवाल अपनी राजनीतिक पहचान बनाने के लिए व्यग्र हैं। राबर्ट वाड्रा के बहाने सोनिया गांधी पर हमला करने से उन्हें मीडिया में प्रचार और सस्ती लोकप्रियता मिल सकती है। शायद इसीलिए उन्होंने कानूनी कार्रवाई के बजाय मीडिया ट्रायल का रास्ता चुना। दूसरे गुजरात चुनाव आसन्न हैं। नरेन्द्र मोदी के लिए यह चुनाव जीतना परम आवश्यक है। अगर नहीं जीते तो प्रधानमंत्री बनने का सपना बिखर जाएगा।
इसलिए उन्होंने भी पहले राहुल गांधी पर एक भद्दा कटाक्ष किया और फिर सीधे सोनिया गांधी पर एक अनर्गल आरोप मढ़ दिया। वह आरोप झूठा सिध्द हुआ तो नरेन्द्र मोदी ने खुले दिल से माफी मांगने की बजाय मुंह में दही जमा लिया है।
इस तरह भाजपा और केजरीवाल दोनों का एजेंडा कहीं न कहीं जाकर एक हो जाता है। सामान्य स्थिति में कांग्रेस को वाड्रा के बचाव में आगे आने की जरूरत नहीं थी, लेकिन सब जानते हैं कि असली निशाने पर तो सोनिया गांधी हैं। जनता इस बात को खूब समझती है।
(देशबंधु में 11 अक्टूबर 2012 को प्रकाशित )
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