ललित सुरजन की कलम से - देहलीज पर चुनाव

'चुनावी माहौल में रायपुर के किसी अन्य अखबार में इसी सोमवार को यह खबर पढ़कर मुझे आश्चर्य हुआ कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और उसे बार-बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से ओवर ड्रॉफ्ट लेना पड़ रहा है;

By :  Deshbandhu
Update: 2026-10-13 01:58 GMT

'चुनावी माहौल में रायपुर के किसी अन्य अखबार में इसी सोमवार को यह खबर पढ़कर मुझे आश्चर्य हुआ कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और उसे बार-बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से ओवर ड्रॉफ्ट लेना पड़ रहा है। यह अखबार चूंकि मुख्यमंत्री का करीबी समझा जाता है इसलिए उसकी खबर पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। यद्यपि इस बात का आश्चर्य जरूर है कि कल तक आप इस सरकार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं लिखते थे आज अचानक आपका हृदय परिवर्तन कैसे हुआ? खैर! इससे कुछ गंभीर सवाल उठते हैं। यदि सरकार के पास सचमुच रकम नहीं थी तो फिर ऐसे कार्यक्रम क्यों बनाए गए जो एक तरह से खैरात की श्रेणी में गिने जाएंगे? जब सिलाई मशीन, नाई पेटी, बढ़ई पेटी, छात्राओं के अलावा अन्यों को साइकिल, बरसाती, चप्पल जैसी वस्तुएं देने का कार्यक्रम आप बनाते हैं तो ऐसा लगता है मानो प्राचीनकाल का कोई राजा प्रजा को धन्य कर रहा है!'

(देशबन्धु में 10 अक्टूबर 2013 को प्रकाशित)

https://lalitsurjan.blogspot.com/2013/10/blog-post_9.html

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