यमुना प्राधिकरण में भूखंड ट्रांसफर के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप

करप्शन फ्री इंडिया संगठन की तरफ से सीईओ के नाम सौंपा गया ज्ञापन;

Update: 2023-06-10 06:57 GMT

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक प्राधिकरण के संपत्ति विभाग में तैनात बाबू और प्रबंधकों पर करप्शन  फ्री इंडिया संगठन ने भूखंड ट्रांसफर के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। संगठन की तरफ से प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम ज्ञापन देकर इसकी जांच कराने की मांग रखी गई।

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के जिला संयोजक एडवोकेट अनिल भाटी के नेतृत्व में षुक्रवार को यमुना प्राधिकरण के संपत्ति विभाग में तैनात बाबू व मैनेजरो के द्वारा केवाईए अपडेट वह भूखंड ट्रांसफर में हो रहे भ्रष्टाचार की षिकायत करने पहुंचे।सीईओ के मौजूद न होने पर संगठन की तरफ से उनके कार्यालय में ज्ञापन रिसीव कराया गया।

इस मौके पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर और जिला संयोजक एडवोकेट अनिल भाटी ने बताया कि यमुना प्राधिकरण में भूखंड ट्रांसफर में व ऑनलाइन केवाईए अपडेट की आड़ में संबंधित बाबू व प्रबंधक मिलकर आवंटी का शोषण करते हैं वह अनावश्यक पैसे की मांग करते हैं, ट्रांसफर में 200 रूपए प्रति वर्गमीटर तय करके पैसा लेकर केवाईए के लिए ओटीपी देते हैं जिसकी वजह से प्राधिकरण की छवि धूमिल हो रही ह,ै क्योंकि ओटीपी जारी करने का अधिकार प्रबंधक के पास है।

यमुना प्राधिकरण में आवंटित दूर-दूर से आते हैं कई कई घंटे उनको अनावश्यक परेशान किया जाता है मानसिक रूप से परेशान किया जाता है, इसकी जांच कराकर संपत्ति विभाग के बाबू और प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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