विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसा: 8 श्रमिकों की मौत, अफरा-तफरी मची
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार को हुए भीषण औद्योगिक हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई;
पिघले स्टील में विस्फोट: 1500°C तापमान ने ली जानें
- पीएम मोदी का शोक संदेश: मृतकों के परिजनों को राहत राशि
- उपराष्ट्रपति और सीएम नायडू: नेताओं ने जताया दुख, दिए निर्देश
- जांच और सुरक्षा समीक्षा: केंद्र सरकार ने कहा- औद्योगिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार को हुए भीषण औद्योगिक हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला हुआ स्टील ले जा रही लैडल (विशेष पात्र) में विस्फोट हो गया। इस घटना पर पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया है।
अधिकारियों के अनुसार, स्टील प्लांट के एसएमएस-2 और एसटीसी-3 हीट फैसिलिटी में सोमवार शाम करीब 4:15 बजे पिघले स्टील को उठाने की प्रक्रिया के दौरान यह दुर्घटना हुई। विस्फोट के बाद बड़ी मात्रा में पिघला हुआ स्टील बाहर फैल गया, जिससे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे के बाद स्टील प्लांट के कर्मचारियों, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
मृतकों में प्लांट के छह नियमित कर्मचारी और दो ठेका श्रमिक शामिल हैं। मृतकों में से पांच की पहचान अप्पा राव, प्रभाकर राव, कृष्णा, रमणा और त्रिनाथ के रूप में हुई है।
एम. अभिषेक किशोर ने बताया कि छह लोग घायल हुए हैं। इनमें से तीन को किम्स अस्पताल और तीन अन्य को सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए हादसे से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।"
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुई घटना में लोगों की मौत से अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा दुख जताया और अधिकारियों से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ प्रभावित लोगों की सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, "विशाखा स्टील प्लांट में हुई दुर्घटना ने मुझे गहरा झटका दिया है। इस हादसे में कई श्रमिकों की मौत की खबर बेहद दुखद है। मैंने संबंधित अधिकारियों से बात की है और सभी सरकारी विभागों के समन्वय से राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।"
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात राज्यमंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। उन्होंने कहा कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा, "विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (आरआईएनएल) में हुए इस दुखद लैडल विस्फोट हादसे से मैं बेहद आहत हूं। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। औद्योगिक सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दुख की घड़ी में हम श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।"
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।