तूफान अर्णब की दस्तक से कांपा आंध्र प्रदेश, तेज हवाओं और बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में दस्तक दे दी। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ने यानम-काकीनाडा क्षेत्र के पास तट से टकराना शुरू कर दिया है;

Update: 2026-10-28 02:04 GMT

अर्णब का तांडव शुरू, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं

  • तटीय जिलों में बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें
  • हजारों लोगों का रेस्क्यू, कई जिलों में अलर्ट
  • अर्णब के असर से जनजीवन बेहाल, स्कूल बंद, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित

विजयवाड़ा। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में दस्तक दे दी। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ने यानम-काकीनाडा क्षेत्र के पास तट से टकराना शुरू कर दिया है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ऊंची समुद्री लहरें देखने को मिल रही हैं।

समुद्र तट से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ समुद्र उफान पर है। कई जगहों पर ऊंची लहरें तटीय सड़कों तक पहुंच गईं, जिससे प्रशासन ने लोगों को समुद्र किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची हवा की रफ्तार

मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच बनी हुई है, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

कई जिलों में मूसलाधार बारिश

तूफान का असर आंध्र प्रदेश के उत्तरी और तटीय जिलों में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। विशाखापट्टनम समेत कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सावधानी के तौर पर कई स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

राज्य सरकार ने तूफान के खतरे को देखते हुए बड़े स्तर पर निकासी अभियान चलाया है। तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल की कई टीमें तैनात हैं।

मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

प्रशासन और मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है। तटीय क्षेत्रों में लोगों से घरों के अंदर रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

पड़ोसी राज्यों में भी असर

तूफान का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

अगले कुछ घंटों तक बनी रहेगी चुनौती

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तट से टकराने के बाद भी तूफान का असर अगले कुछ घंटों तक बना रह सकता है। तेज बारिश और आंधी के कारण जनजीवन प्रभावित रहने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

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