आंध्र प्रदेश: आरडीटी के लिए एफसीआरए नवीनीकरण पर जगन ने पीएम मोदी का जताया आभार
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट (आरडीटी) के लिए एफसीआरए अनुमति के नवीनीकरण का स्वागत किया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया
अमरावती। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट (आरडीटी) के लिए एफसीआरए अनुमति के नवीनीकरण का स्वागत किया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत अनुमति बहाल होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में आरडीटी की महत्वपूर्ण सेवाएं जारी रह सकेंगी। इससे अनंतपुर जिले के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
हालांकि, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर इस फैसले का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि 21 अप्रैल 2025 से रुकी अनुमति को बहाल करने में लगभग एक साल क्यों लग गया।
जगन ने कहा कि यह देरी सरकार की निष्क्रियता के कारण हुई, जिसके चलते लोगों, वाईएसआरसीपी और नागरिक समाज संगठनों को लगातार विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि यह नवीनीकरण जनदबाव और सामूहिक संघर्ष का परिणाम है, न कि सरकार की किसी पहल का। इसे अलग तरीके से पेश करना सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा था कि आरडीटी दशकों से गरीबों के लिए बेहतरीन सेवाएं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हजारों गांवों में यह ट्रस्ट विभिन्न सेवाएं प्रदान करता है। एफसीआरए के तहत विदेशी फंडिंग पर रोक के कारण संगठन के कामकाज में बाधाएं आ रही थीं।
नायडू ने बताया कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से अब यह समस्या दूर हो गई है और आरडीटी को फिर से विदेशी फंड प्राप्त करने की अनुमति मिल गई है, जिससे उसके कार्य सुचारु रूप से जारी रह सकेंगे।